दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

अलीगढ़ में रेमडेसिविर के इंतजार में कोरोना मरीज, तंत्र उदासीन Aligarh news

कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को बेहद कारगर माना जा रहा है।

कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को बेहद कारगर माना जा रहा है। ऐसे में सरकारी ही नहीं निजी कोविड केयर सेंटरों में भी इस इंजेक्शन की मांग बढ़ती जा रही है। चिंता की बात ये है कि दो दिन से बाजार में यह इंजेक्शन नहीं।

Anil KushwahaMon, 19 Apr 2021 05:13 PM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को बेहद कारगर माना जा रहा है। ऐसे में सरकारी ही नहीं, निजी कोविड केयर सेंटरों में भी इस इंजेक्शन की मांग बढ़ती जा रही है। चिंता की बात ये है कि दो दिन से बाजार में यह इंजेक्शन नहीं। सरकारी केंद्रों में भर्ती मरीजों को फिलहाल इंजेक्शन मिल गए हैं, मगर निजी अस्पतालों में तमाम मरीज रेमडेसिविर मिलने के इंतजार में ऐसे मरीजों को दूसरी जीवनरक्षक दवा देकर जान बचाने का प्रयास हो रहा है। हैरानी की बात ये है कि औषधि विभाग भी रेमडेसिविर की उपलब्धता के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा। इससे मरीजों की जिंदगी खतरे में है।  

क्या है रेमडेसिविर

कोराना काल में सबसे ज्यादा चर्चा यदि किसी दवा की है तो वह रेमडेसिविर इंजेक्शन की। दरअसल, कोरोना संक्रमित मरीज के शरीर में कई बार ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है, जिसे हाइपोक्सिमिया कहते हैं। मरीज का बुखार व खांसी कम नहीं हो रही होती है तो उसे रेमडेसिविर दवा दी जाती है। मरीज मॉडरेट से सिविर कैटेगरी में जा रहा होता है, तभी इस दवा का प्रयोग किया जाता है। इस दवा को अमेरिका की गिलएड कंपनी बनाती है। कंपनी के पास इस दवा का पेटेंट है। भारत में कई प्रमुख कंपनियां यह दवा बना रही हैं। सरकारी व निजी कोविड केयर सेंटरों में यह दवा इस्तेमाल हो रही है।   

रोजाना 50 इंजेक्शन की जरूरत, उपलब्धता 20-25

इस समय 500 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, संक्रमित मरीजों पर डालें तो 40-50 मरीजों को इस इंजेक्शन की जरूरत है। औषधि विभाग ने हालात को देखते हुए 300 इंजेक्शन प्रतिदिन तक की मांग की संभावना जताई है। इसके सापेक्ष उपलब्धता 20-25 इंजेक्शन की है है। वह भी सरकारी कोविड केयर सेंटर व मेडिकल कालेज में। निजी अस्पतालों को विगत दो दिनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा। जबकि, तमाम अस्पताल फुल हो चुके हैं। मरीजों के तीमारदार दवा का पर्चा लेकर अलीगढ़ से लेकर आसपास के जिलों तक घूम रहे हैं, मगर निराश होकर लौट रहे हैं। चिंता की बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सेहत को लेकर उदासीन है। 

इनका कहना है

बाजार में दो दिन से रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं है। 30 इंजेक्शन कल आए थे, जो मेडिकल कालेज को दे दिए गए। निजी अस्पतालों में मरीजों को भी जरूरत है, मगर हम मजबूर हैं। कोशिश कर रहे हैं कि मरीजों की आवश्यकता पूरी हो जाए। जल्द इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।

- हेमेंद्र चौधरी, औषधि निरीक्षक।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.