कोरोना का कहरः अलीगढ़ में 10 लोगों की मौत, 24 घंटे में 215 लोग संक्रमित मिले aligarh news

अलीगढ़ में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

अलीगढ़ में कोरोना का कहर बना हुआ है। लगातार संक्रमित मिल रहे हैं। इससे दहशत बढ़ती जा रही है। हालांकि तेजी से सही भी हो रहे हैं जिन्हें अस्पतालों से घर भेजा जा रहा है। लेकिन लगातार मौत होना चिंताजनक बना हुआ है।

Mukesh ChaturvediTue, 20 Apr 2021 11:28 PM (IST)

जागरण संवाददाता, अलीगढ़: जिले में मंगलवार को आई कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को चौंका दिया है। एक ही दिन 215 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है, इससे अब तक सर्वाधिक मरीज का रिकार्ड टूट गया है। इससे पूर्व पहली लहर में 192 मरीज संक्रमित पाए गए थे। वहीं, 10 से अधिक मरीजों की मृत्यु की खबर भी आई। इसमें डीएस कालेज के पूर्व प्रवक्ता समेत शहर के कई व्यापारी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज निकलने और मृत्यु दर बढऩे से साफ है कि जिले के हालात ठीक नहीं। हालांकि, 44 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज भी किया गया। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या 921 पहुंच गई है।

अब तक का हाल 

अब तक 12 हजार 43 मरीज स्वस्थ व 12 हजार 964 मरीज संक्रमित निकल चुके हैं। आंकड़ों में 58 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि इससे अधिक संक्रमित मरीजों की मृत्यु का कारण दूसरी बीमारियां मानी गई हैं। बहरहाल, ऐसे हालात में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सावधान दिखानी होगी। 

कोरोना का कैसा अभिशाप, अस्पताल में रोज विलाप 

कनवरी गंज की 55 वर्षीय महिला डायबिटीज से संक्रमित थीं। इसके लिए वे देसी दवा खातीं थीं। पिछले कई दिनों से उनकी तबीयत बिगड़ रही थी। सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो एटा-क्वार्सी बाईपास स्थित निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को डाक्टर ने सीटी स्कैन कराने के लिए रामघाट रोड स्थित सेंटर पर भेजा। सीटी स्कैन के बाद जैसे ही उन्हें बाहर लाए, उनकी मृत्यु हो गई। इसी तरह डीएस कालेज के पूर्व प्रवक्ता अपने बेटे के पास दिल्ली में रहते थे। कई दिनों से वह बीमार थे। 13 अप्रैल को पाजिटिव रिपोर्ट आई।

दिल्ली में हुई मौत 

दिल्ली में उचित इलाज न मिलने व तबीयत बिगड़ती जाने पर मंगलवार को बेटा उन्हेें अलीगढ़ ला रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। किसी की सलाह पर शव को लेकर दीनदयाल पहुंचे। यहां सरकारी एंबुलेंस से शव को सीधे श्मशान गृह लेकर पहुंचे और दाह-संस्कार किया। कुलदीप विहार के 60 वर्षीय बुजुर्ग का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। कोविड-19 रिपोर्ट पाजिटिव आने पर स्वजनों ने दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया। डाक्टरों ने नाजुक हालत को देखते हुए आइसीयू में लिया, लेकिन कुछ समय बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठने लगे सवाल 

अतरौली के 67 वर्षीय बुजुर्ग 18 अप्रैल को दीनदयाल में भर्ती कराए गए। मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर मृत्यु हो गई। गांव मऊ, खैर के 65 वर्षीय महिला भी 18 अप्रैल को दीनदयाल में भर्ती की गईं। उनकी भी मंगलवार को मृत्यु हो गई। एक मरीज की मौत मिथराज हास्पिटल व एक की जीवन ज्योति में भी हुई। कुछ और संक्रमित मरीजों के मरने की सूचना आई। दीनदयाल अस्पताल से लेकर श्मशान गृह पर अपनों को खोने वाले स्वजन का विलाप सुनाई दिया। मरीजों की लगातार मृत्यु होने से खुद अधिकारी भी परेशान हैं। लोग स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उंगली उठा रहे हैं।

 

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