खर्च का हिसाब देने में फिसड्डी साबित हो रहे पंचायत चुनाव के दावेदार Aligarh news

पंचायत चुनाव में अपना भाग्य अजमाने वाले उम्मीदवारों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। परिणाम आए 50 दिन से से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन जिले में अभी तक किसी भी दावेदार ने चुनावी खर्च का ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है।

Anil KushwahaThu, 24 Jun 2021 10:46 AM (IST)
चुनाव में हुए खर्च का ब्‍योरा न देने वाले प्रत्‍याशी की जमानत राशि जब्‍त होगी।

अलीगढ़, जेएनएन ।  पंचायत चुनाव में अपना भाग्य अजमाने वाले उम्मीदवारों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। परिणाम आए 50 दिन से से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन जिले में अभी तक किसी भी दावेदार ने चुनावी खर्च का ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया है। अब बचे हुए 40 दिनों में भी यह दावेदार खर्च का हिसाब नहीं देते हैं तो फिर सभी की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। निर्वाचन विभाग ने इसका नोटिस जारी कर दिया है। हारने वाले दावेदारों के साथ ही जीतने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ भी प्रशासन जमानत राशि जब्त करने की यह कार्रवाई करेगा। इस बार जिले में 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किश्मत अजमाई थी।

29 अप्रैल को संपन्‍न हुआ चुनाव

29 अप्रैल को जिले में जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए वोट पड़े थे। इसमें 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन किया। इनमें प्रधान के 6001, जिला पंचायत सदस्य के 474, बीडीसी के 5188 व अन्य ग्राम पंचायत सदस्य के दावेदार थे। दो मई को इनके परिणाम आ गए। निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत चुनाव लड़ने वाले सभी हारे व जीते हुए दावेदारों का खर्च का ब्यौरा देना होता है। आयोग ने इसके लिए अधिकतम 90 दिन का समय निर्धारित कर रखा है। चुनाव कार्यालय में यह ब्यौरा प्रस्तुत करना होता है। इसी खर्च के आधार पर प्रशासन आयोग को रिपोर्ट भेजता है। अब चुनाव परिणाम आए हुए करीब 50 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक एक भी दावेदार ने खर्च का हिसाब नहीं दिखा। हारे हुए प्रत्याशियों के साथ ही विजेता दावेदार भी इसमें फिसड्डी साबित हो रहे हैं। अब इनके पास 40 दिन का समय और शेष बचा है। अगर ब्यौरा नहीं आता है तो सभी की जमानत राशि जब्त हो जाएगी।

करोड़ों में जमानत राशि होगी जब्त

चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को नामांकन के साथ जमानत राशि जमा करनी होती है। इस बार ग्राम पंचायत सदस्य के दावेदारों को पांच सौ रुपये, प्रधान और बीडीसी के लिए दो हजार व जिला पंचायत सदस्य के लिए चार हजार रुपये जमानत राशि निर्धारित थी। ऐसे में चुनावी खर्च का ब्यौरा न मिलने पर इसे जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही अधिक खर्च करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इस तरह तय थी चुनावी खर्च की सीमा

पद का नाम, अधिकतम व्यय

सदस्य ग्राम पंचायत, 10000

ग्राम प्रधान पंचायत, 75000

सदस्य क्षेत्र पंचायत, 75000

सदस्य जिला पंचायत, 1.50 लाख

इनका कहना है

पंचायत चुनाव लड़ने वाले सभी दावेदारों को परिणाम के बाद 90 दिनों के अंदर चुनावी खर्च का ब्यौरा देना होता है, लेकिन जिले में अब तक एक भी दावेदार ने खर्च का हिसाब नहीं दिया है। अगर निर्धारित समय के अंदर चुनावी खर्च प्रस्तुत नहीं करते हैं तो सभी की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।

कौशल कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी

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