Unfit Vehicles: बच्चों को स्कूल भेजने से पहले कर लें जांच, अनफिट तो नहीं वाहन, हो सकता है कुछ ऐसा

आरटीओ प्रवर्तन फरीदुद्दीन ने बताया कि संभागीय परिवहन कार्यालय ने जिले के 200 से अधिक स्कूलों को वाहनों के संबंध में नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों के वाहनों की फिटनेस वैधता की अवधि समाप्त हो चुकी है। फिटनेस के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।

Sandeep Kumar SaxenaSun, 05 Dec 2021 09:06 AM (IST)
आरटीओ प्रवर्तन फरीदुद्दीन ने बताया 200 से अधिक स्कूलों को वाहनों के संबंध में नोटिस जारी किया है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। परिवहन विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को जिस वाहन से स्कूल भेज रहे हैं पहले उसकी ठीक से जांच- पड़ताल कर लें । कहीं ऐसा तो नहीं जिस वाहन से अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं उस वाहन को परिवहन विभाग ने अनफिट घोषित तो नहीं कर दिया है। अगर, वाहन अनफिट है तो आपके नौनिहाल की जान को खतरा हो सकता है। अनफिट वाहन कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।

जिले में है 400 स्‍कूली वाहन

आरटीओ प्रवर्तन फरीदुद्दीन ने बताया कि संभागीय परिवहन कार्यालय ने जिले के 200 से अधिक स्कूलों को वाहनों के संबंध में नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों के वाहनों की फिटनेस वैधता की अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे वाहनों को फिटनेस के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। यदि स्कूल वाहन संचालक अपने वाहन की फिटनेस नहीं कराते हैं तो ऐसे वाहनों के सड़क पर चलने के दौरान उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। आरटीओ ने बताया कि जिले में 400 से अधिक स्कूली वाहन हैं। कोरोना संक्रमण काल के बाद से लगातार दस्तावेजों में छूट दी जा रही थी। मगर, 30 अक्टूबर के बाद इस छूट को खत्म कर दिया गया है। जिले में 200 से अधिक ऐसे स्कूली वाहन सामने आए हैं, जिनकी फिटनेस वैधता समाप्त हो चुकी है। इनके संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। अनफिट वाहनों में बच्चों को स्कूल लाना व ले जाना अवैध है।

खराब चरित्र वाले स्कूली चालकों पर होगी कार्रवाई, नहीं चला सकेंगे वाहन

शासन ने स्कूली वहानों में होने वाले बाल अपराधों और सड़क हादसों की रोकथाम के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि शासन ने अब पुलिस रिकार्ड में खराब चरित्र वाले चालकों के स्कूली वाहनों को चलाने पर रोक लगा दी है। शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं कि संबंधित एआरटीओ सभी स्कूलों के चालकों का संपूर्ण रिकार्ड व पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट को जरूर परख लें। स्कूल में संचालित वाहनों के तकनीक निरीक्षण के साथ ही उनकी फिटनेस का भी परीक्षण करा लिया जाए। एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर शासन स्तर से सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस की रिकार्ड में अगर किसी स्कूली वाहन चालक का चरित्र खराब है तो उसे स्कूल वाहन नहीं चलाने दिया जाएगा। सभी चालकों का पुलिस स्तर से सत्यापन आवश्यक है। सत्यापन के बाद ही वाहन चलाने की अनुमति दी जाए।

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