हाथरस में पालीटेक्निक के छात्र को बातों में फंसाकर की ठगी

आगरा रोड स्थित एमजी पालीटेक्निक संस्थान के एक छात्र को बातों में फंसाकर शातिर ठग ने पांच हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर सैल में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सैल से जुड़ी टीम अब मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

Sandeep Kumar SaxenaTue, 30 Nov 2021 03:38 PM (IST)
पीड़ित ने साइबर सैल में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

हाथरस, जागरण संवाददाता। आगरा रोड स्थित एमजी पालीटेक्निक संस्थान के एक छात्र को बातों में फंसाकर शातिर ठग ने पांच हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर सैल में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सैल से जुड़ी टीम अब मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

ऐसे की ठगी

पवन कुमार पुत्र नंदलाल निवासी बरौली हाथरस जंक्शन शहर के एमजी पालीटेक्निक संस्थान में पढ़ रहा है। छात्र ने बताया कि सोमवार की शाम को उसके फोन पर पहले तो एक एसएमएस आया और फिर एक अंजान व्यक्ति ने फोन करके बताया कि अगर इस मैसेज को खोल कर देखोगे तो लाभ मिलेगा। जिस पर युवक ने मैसेज जैसे ही खोला तो उसके मोबाइल फोन पर उसके खाते से पांच हजार रुपए कटने का तुरंत की मैसेज आ गया। जिसे देख युवक काफी हैरान व परेशान हुआ। इस बात की जानकारी उससे अपने साथियों को दी। जिसके बाद उसे पता चला कि उसके साथ ऑनलाइन ठगी की घटना हुई है। छात्रा मंगलवार की सुबह पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचा, जहां से उसे पुलिस लाइन स्थित साइबर सैल भेजा गया। साइबर सैल अब मामले की छानबीन कर रही है।

लगातार हो रही वारदात

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए जिले में जागरुकता अभियान चलाया था। स्कूल व कालेजों में जाकर पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्र में गोष्ठी आयोजित कर विद्यार्थियों को जागरुक किया। लेकिन इसके बाद भी साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। पिछले एक माह में करीब आधा दर्जन मामले साइबर ठगी से जुड़े हुए हो चुके हैं। पुलिस गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ पोस्टर चस्पा किए थे। साइबर सैल के प्रयासों के कई लोगों को उनकी गई रकम भी वापस दिलाई गई है। लेकिन संचार क्रांति के इस युग में लोग हाईटेक तो हो गए। लेकिन आज भी तमाम जानकारी होने के बाद भी ठगी का शिकार हो जाते हैं।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.