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चौधरी अजित सिंह का अलीगढ़ से रहा है गहरा नाता Aligarh news

पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ चौधरी अजित सिंह की फाइल फोटो।

जाट लैंड कही जाने वाली इगलास व खैर विधानसभा से पूर्व पीएम चौ. चरण सिंह का गहरा नाता रहा था। तभी उन्हाेंने पत्नी गायत्री देवी को लोकदल से इगलास विधासभा से चुनाव लड़ाया था। इन्होंने यह चुनाव भी जीता था। इस परंपरा को चौ. अजित सिंह ने आगे बढ़ाया था।

Anil KushwahaThu, 06 May 2021 05:22 PM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन ।  रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह (छोटे चौधरी) आज हमारे बीच भले ही न रहे हों, मगर उनकी यादें आज भी तरोताजा हैं। निधन की सूचना पर इगलास व खैर क्षेत्र में शोक की लहर दौड गई। पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी व पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह दर्जनभर गाडियों के साथ जब पूर्व केंद्रीय मंत्री के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए रवाना हुए, तो पार्टी मुख्यालय से किसी को भी न आने का सुझाव दिया गया। टप्पल एक्सचेंज से यह वापस लौटे। छोटे चौधरी आखिरी बार साल 2019 में सदभावना यात्रा के साथ अलीगढ़ आए थे। उनकी इस यात्रा का पड़ाव था। रातभर रुके। मुस्लिम समाज के लोगों से बातचीत करने एएमयू भी पहुंचे। 

बहन भी रहीं हैं विधायक

जिले के जाट लैंड कही जाने वाली इगलास व खैर विधानसभा से पूर्व पीएम चौ. चरण सिंह का गहरा नाता रहा था। तभी उन्हाेंने अपनी पत्नी गायत्री देवी को लोकदल से इगलास विधासभा से चुनाव लड़ाया था। इन्होंने यह चुनाव भी जीता था। इस परंपरा को चौ. अजित सिंह ने आगे बढ़ाया था। इगलास से बहन डा. ज्ञानवती विधायक भी रहीं। ये खैर से भी चुनी गईं।  चौ. अजित सिंह ने साल 80 के दशक की शुरूआत में दिल्ली से लखनऊ तक पद यात्रा की और दलित मजदूर किसान पार्टी का गठन किया था। अलीगढ़ राजेंद्र सिंह, चौ. जगवीर सिंह व मौजूदा विधायक ठा. दलवीर सिंह जैसे तमाम नेताओं ने अपना समर्थन दिया था। 1989 में गठित जनता दल में इस पार्टी का विलय कर दिया था। यहां से पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह ने अपने दल बल के साथ समर्थन किया। साल 1991 में चौ. रालोद का गठन किया। इन्होंने अपनी बहन डा. ज्ञानवती को इगलास से चुनाव लड़ाया था। इन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता विक्रम सिंह हिंडौल को मात दी। इसके बाद साल 1995 में डा. ज्ञानवती ने भाजपा को ज्वाइन किया। जाट लैंड में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने साल 1996 विधानसभा का खैर से चुनाव लड़ाया था। इन्हेंने अपने पिता चौ. चरण सिंह की बेटी का हवाला देकर इस चुनाव जीता। रालोद का भाजपा से गठनबंधन हुआ था। तब विधानसभा चुनाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 2002 में प्रदेश में 14 विधायक चुने गए थे। 

वर्ष 2019 में चौ. अजित सिंह ने सदभावना यात्रा लेकर आए थे

बरौली से ठा. दलवीर सिंह ने चुनाव जीता था। साल 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में रालोद ने इगलास से विमलेश चौधरी व खैर चौ. सत्यपाल सिंह चुनाव जीते थे। साल 2009 में नए परिसीमन के साथ खैर से भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, इगलास से त्रिलोकीराम दिवाकर व बरौली से ठा. दलवीर सिंह ने चुनाव जीता था। वर्ष 2019 में चौ. अजित सिंह ने सदभावना यात्रा लेकर आए थे। चौ. अजित सिंह शादी विवाह समारोह में भी शामिल होते थे। रालोद के प्रदेश सचिव अब्दुला शेरवानी की बहिन की शादी में भी अजित सिंह पहुंचे थे।

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