सीबीएसई के ‘टर्म’ ने स्कूल संचालकों की ‘यूनिट’ के सामने खड़ी कर दी चुनौती, जानिए मामला Aligarh news

कोरोना काल में एक तरफ जहां हर इंसान की जीवनशैली बदल गई रहन-सहन के तरीके बदल गए वहीं दूसरी ओर शिक्षा क्षेत्र में भी कई बदलाव हुए हैं। कभी भी जिस आनलाइन पढ़ाई की कल्पना भी नहीं की थी उस आनलाइन पढ़ाई से भी विद्यार्थी शिक्षक व अभिभावक रूबरू हुए।

Anil KushwahaSun, 24 Oct 2021 04:26 PM (IST)
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने पहले टर्म की परीक्षा कराने की तिथियां घोषित कर दी हैं।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता । कोरोना काल में एक तरफ जहां हर इंसान की जीवनशैली बदल गई, रहन-सहन के तरीके बदल गए वहीं दूसरी ओर शिक्षा क्षेत्र में भी कई बदलाव हुए हैं। कभी भी जिस आनलाइन पढ़ाई की कल्पना भी नहीं की थी, उस आनलाइन पढ़ाई से भी विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक रूबरू हुए। अब विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा से पहले नए बदलाव भी आ गए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने पहले टर्म की परीक्षा कराने की तिथियां घोषित कर दी हैं। इस बार सीबीएसई दो टर्म में वार्षिक परीक्षा कराएगा। एक टर्म में पूछे गए पाठ्यक्रम की विषय वस्तु अगले टर्म की परीक्षा में नहीं पूछी जाएगी। मगर स्कूलों के यूनिट टेस्ट को सीबीएसई के टर्म टेस्ट ने चुनौती दे दी है। 

कोरोना काल में बनी नयी व्‍यवस्‍था

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने कोरोना काल मेंं हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था बना दी है। स्कूलों मेें होने वाले टर्म व यूनिट टेस्ट अब हर विद्यार्थी को पूरे करने ही होंगे। बिना इन टेस्ट के बोर्ड परीक्षा मेें बैठना संभव नहीं हो सकेगा। कोरोना काल में तमाम विद्यार्थी आनलाइन पढ़ाई व आनलाइन टेस्ट से जुड़े रहे। मगर जिन छात्र-छात्राओं ने आनलाइन माध्यम से टर्म या यूनिट टेस्ट नहीं दिया वो अब आफलाइन माध्यम से स्कूल में ये परीक्षाएं पूरी करेंगे। सीबीएसई हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को स्कूल मेें दो टर्म टेस्ट व दो यूनिट टेस्ट देने होते हैं। इन चारों में से उन दो परीक्षाओं के अंक जिसमें छात्र ने सर्वश्रेष्ठ अंक हासिल किए हों, वो वार्षिक परिणाम में जुड़ेंगे। इसलिए इन परीक्षाओं को देना विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य किया गया है। कोरोना काल मेें जिले के करीब 15 से 20 फीसद छात्र-छात्राएं टर्म व यूनिट टेस्ट से वंचित रह गए हैं। इनको स्कूल मेें आफलाइन माध्यम से परीक्षा दिलाई जाएगी। इन टेस्ट में बेहतर अंक लाने के लिए अब विद्यार्थियों के पास तैयारी के लिए पर्याप्त समय भी है। इससे उनका वार्षिक परिणाम भी सुधर सकता है।

वार्षिक परीक्षा का पहला टर्म जल्‍द आयोजित होगा

वहीं अब सीबीएसई की वार्षिक परीक्षा का पहला टर्म आयोजित होने वाला है। इससे स्कूल संचालकों के सामने जल्दी से जल्दी अपने यूनिट टेस्ट पूरे कराने की चुनौती आ गई है। इसमें समस्या ये आ रही है कि अभी ज्यादातर विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं। स्कूल संचालक भी एक दिन छोड़ विद्यार्थियों को स्कूल बुला रहे हैं।

पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष व कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि, सीबीएसई ने ये व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य कर दी है। जो बच्चे आनलाइन परीक्षा नहीं दे सके हैं, उनको विद्यालय आने पर आफलाइन माध्यम से परीक्षा कराई जाएगी।

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