Bhim Army Chief Chandrashekhar : भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर ने कहा, पीड़ता के परिवार को दिलाएंगे न्‍याय, होगा आंदोलन Aligarh News

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को दोपहर बाद उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में छर्रा क्षेत्र के ग्राम सफीपुर पहुंच गए। यहां उन्‍होंने पीड़िता परिवार से मुलाकात की और न्‍याय दिलाने का आश्‍वास न दिया। न्‍याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे।

Sandeep Kumar SaxenaThu, 23 Sep 2021 04:53 PM (IST)
भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को पीड़िता परिवार से मिले।

अलीगढ़, जेएनएन। भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को दोपहर बाद उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में छर्रा क्षेत्र के ग्राम सफीपुर पहुंच गए। यहां उन्‍होंने पीड़िता परिवार से मुलाकात की और न्‍याय दिलाने का आश्‍वास न दिया। साथ ही कहा न्‍याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे।

धरने पर की स्‍वजन से मुलाकात

आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्र शेखर आजाद का काफिला घंटाघर स्थित आंबेडकर पार्क भी पहुंचा। यहां उन्होंने अकराबाद क्षेत्र में नौ सितंबर को हुई किशोरी की हत्या के बाद घटना के राजफाश को लेकर धरने पर बैठे स्वजन से मुलाकात की। इस दौरान किशोरी के स्वजन उनके सामने फफक- फफक कर रो पड़े। पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य चौ. महेंद्र सिंह ने सारी घटना के बारे में जानकारी देते हुए जुल्म की दांस्ता सुनाई। उन्होंने पुलिस पर पीड़ित परिवार के साथ अमानवीय व्यवहार करने का भी आरोप लगाया । चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि हमने अपनी बहन को खोया है, स्वजन के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने घटना का राजफाश न होने तक अलीगढ़ एसएसपी दफ्तर पर धरना देने का एलान किया। इसके बाद आजाद हाथरस के बूलगढ़ी में पीड़ित स्वजन से मुलाकात करने को रवाना हो गए।

 लोगों को मिल रहा खोया सामान, जानिये कैसे

अलीगढ़ : एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आपरेशन नकेल के तहत टेंपो को यूनिक नंबर देने की पहल की है। इसके तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर टेपों को रोककर मौके पर ही पेंटर के जरिये बड़े अक्षरों में चार अंकों का नंबर लिखवाया गया है, ताकि दूर से ही इनकी पहचान हो सके और लोग भी टेंपो में बैठने से पहले सुरक्षित महसूस करें। मौके पर नंबर दर्ज करने के साथ पुलिस ने टेंपो का रिकार्ड दर्ज किया है। इसमें चालक का नाम और नंबर भी दर्ज किया गया है। अब तक 730 आटो पर नंबर डालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं 52 आटो शेष रह गए हैं। पुलिस इनके चालकों से संपर्क कर रही है। लेकिन, कोई जिले से बाहर है तो किसी का फोन ही बंद है। इधर, यूनिक नंबर की मदद से लोगों को फायदा होने लगा है।

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