धनराशि लेने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कर रहे लाभार्थी, नोटिस जारी Aligarh news

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शहरी में पैसे लेने के बाद भी लाभार्थी आवासों का निर्माण नहीं कर रहे हैं। जिले में करीब 750 से अधिक लाभार्थी ऐसे हैं जिनके पास एक साल से अधिक समय से धनराशि अटकी पड़ी है।

Anil KushwahaThu, 23 Sep 2021 10:23 AM (IST)
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शहरी में पैसे लेने के बाद भी लाभार्थी आवासों का निर्माण नहीं कर रहे हैं।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता । प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शहरी में पैसे लेने के बाद भी लाभार्थी आवासों का निर्माण नहीं कर रहे हैं। जिले में करीब 750 से अधिक लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके पास एक साल से अधिक समय से धनराशि अटकी पड़ी है। किसी पर 50 हजार तो किसी पर डेढ़ लाख तक का बकाया है। डूडा की तरफ से इन लाभार्थियों को नोटिस भी जारी हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अब रिकवरी की तैयारी हो रही है। डूडा की ओर से आवास निर्माण न करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।

2022 तक हर बेघर को आवास देने का लक्ष्‍य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 तक हर बेघर को आवास देने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत शहरी व देहात क्षेत्र में अलग-अलग प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित कर रखी है। इस योजना के तहत तीन किस्तों में धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। पहली किस्त पाने के बाद शुरुआती निर्माण कराना होता है। निर्माण की फोटो अपलोड करने के बाद आगे की किस्तें जारी होती हैं। एक लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये मिलते हैं। इसमें पहली किस्त में 50 हजार, दूसरी में डेढ़ व तीसरी में 50 हजार की धनराशि मिलती है।

नोटिस किए जारी

पिछले दिनों डूडा विभाग की ओर से सभी शहरी क्षेत्रों में एक सर्वे कराया गया था। इसमें धनराशि लेने के बाद भी आवासों का निर्माण न करने वाले लोग चिह्नित हुए थे। जिले भर में विभाग ने ऐसे करीब 750 से अधिक लोग चिह्नित किए। इसमें अधिकतर लाभार्थी पहली किस्त दबाए बैठे हैं। वहीं, कुछ लाभार्थियों के पास दूसरी बार किस्त भी अटकी पड़ी है। विभाग की तरफ से इन लाभार्थियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब इन सभी के खिलाफ रिकवरी की तैयारी है।

सर्वेयर पर वसूली के आरोप

डूडा की तरफ से आवास निर्माण होने पर जियो टैगिंग के लिए सर्वेयर लगे हुए हैं। कुछ सर्वेयरों पर वसूली के आरोप हैं। लोगों को किस्त दिलाने के नाम पर यह वसूली करते हैं। एक-एक लाभार्थी से 20 से 30 हजार तक की वसूली की जाती है। कई बार इसको लेकर डूडा कार्यालय में शिकायत भी हुई है, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

इनका कहना है 

पीएमएवाइ के तहत जिन लाभार्थियों को पैसा मिल चुका है, वे समय से निर्माण कार्य कर लें। जिले में करीब 750 से अधिक ऐसे लाभार्थी हैं, जो किस्तें लेने के बाद भी भवन नहीं बना रहे हैं। इन सभी को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी है। आवास न बनाने पर पाई-पाई वापस होगी। मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।

प्रभात मिश्रा, परियोजना निदेशक, डूडा

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