जीएसटी के विरोध में दुकानों के बाहर लगेंगे बैनर

कपड़ों पर जीएसटी पांच प्रतिशत है एक जनवरी से यह 12 प्रतिशत लगेगा। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से इसका विरोध शुरू हो गया है।

JagranMon, 29 Nov 2021 12:10 AM (IST)
जीएसटी के विरोध में दुकानों के बाहर लगेंगे बैनर

जासं, अलीगढ़ : कपड़ों पर जीएसटी पांच प्रतिशत है, एक जनवरी से यह 12 प्रतिशत लगेगा। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से इसके विरोध के सुर शुरू हो गए हैं। दी अलीगढ़ क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन ने मंगलवार को कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। विरोध स्वरूप दुकानों पर बैनर भी लगाए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने सूती धागे और फैब्रिक पर समान जीएसटी कर दिया है। अब पांच की जगह 12 प्रतिशत होने से कपड़े की कीमत बढ़ जाएगी। कफन भी महंगा हो जाएगा। कारोबारी बलदेव अरोरा का कहना है कि छोटे कारोबारियों और मैन्युफैक्चर्स के लिए जीएसटी से परेशानी बढ़ेगी। आजादी से अबतक कपड़े या यार्न (सूत) पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लग रहा था, लेकिन अब यार्न की खरीदारी से लेकर टैस्ट करने और उसे तैयार करने तक कई तरह के टैक्स देने होंगे, जिसका प्रभाव कारोबार पर पड़ेगा। छोटे बुनकरों पर बुनियादी ढांचे की कमी है। कपड़ों की लागत बढ़ने से इन छोटे कारोबारियों को कारोबार के साथ ही अन्य बुनियादी ढांचों पर खर्च बढ़ाना होगा, जिसका भार ग्राहकों पर पड़ेगा। डा. संजय सिघल का कहना है कि पिछले दो साल से टैक्स टाइल कंपनियां तमाम झंझटों से जूझ रही है।

इनका कहना है

सूरत, दिल्ली व मुंबई में टैक्स की नई दरों का विरोध शुरू हो गया है। हमने भी एक दिसंबर को कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। दुकानों पर बैनर लगाकर सांकेतिक विरोध किया जाएगा। सांसद को दर वापस करने के लिए ज्ञापन सौपेंगे।

- राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, दी अलीगढ़ क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन

जीएसटी की दरों को बढ़ाकर अमीर व गरीब का अंतर खत्म कर दिया। कोरोना संकट के चलते टेक्सटाइल उद्योग पर पहले से ही घनघोर संकट है। सरकार जीएसटी दर को वापस ले।

- प्रशांत मित्तल, मालिक, हथकरघा उद्योग, तालानगरी

कोरोना संकट से टैक्स टाइल कंपनियों को बड़ा घाटा हुआ है। अगर कच्चा माल सूत पर पांच की जगह 12 प्रतिशत जीएसटी लगती है तो कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी।

- अशीष नवलानी, मालिक, फेमिना, समद रोड

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