मौसम बदलते ही बाजारों में घुलने लगी घेवर की मिठास Aligarh news

अलीगढ़ जेएनएन। रिमझिम बारिश श्रवण मास का अहसास करा रही हैं। बुधवार को इस खुशनुमा मौसम को महानगर के विभिन्न बाजारों में घेवर की दुकानों ने और भी ज्यादा सुगंधित कर दिया। ग्राहकों की भीड़ भी देखी गई। रछाबंधन भी नजदीक है।

Anil KushwahaThu, 29 Jul 2021 09:17 AM (IST)
खुशनुमा मौसम को महानगर के विभिन्न बाजारों में घेवर की दुकानों ने और भी ज्यादा सुगंधित कर दिया।

अलीगढ़, जेएनएन।  रिमझिम बारिश श्रवण मास का अहसास करा रही हैं। बुधवार को इस खुशनुमा मौसम को महानगर के विभिन्न बाजारों में घेवर की दुकानों ने और भी ज्यादा सुगंधित कर दिया। ग्राहकों की भीड़ भी देखी गई। रक्षाबंधन भी नजदीक है।

बाजार में घेवर की नई वैरायटी लांच

शहर के नामचीन मिठाई शोरूमों के मालिक इस बार बाजार में घेवर की नई वैरायटी लांच कर रहे हैं। कुंजीलाल दाल सेब व स्वीट्स सेंटर इस बार गुलाब के फ्लेवर में घेवर लांच करेंगे। इसके अलावा देशी घी से निर्मित घेवर में छोटा घेवर, मावा घेवर, मुंडा घेवर, बड़ा घेवर सहित अन्य वैरायटी में बाजार में मिल रहीं हैं। इन घेवर की कीमत 550 से लेकर 660 रुपये प्रतिकिलो घेवर की कीमत होगी। जबकि वनस्पति घी से निर्मित घेवर की कीमत 280 रुपये से 350 रुपये तक है।

इनका कहना है

पहली बार हम गुलाव के फ्लेवर घेवर तैयार करा रहे हैं। जल्द ही ग्राहकों को यह मिलने लगेगा। उम्मीद है इस बार बाजार भी ठीक रहेगा।

- सुमित गोयल, मालिक कुंजीलाल दालसेब एंड स्वीट्स सेंटर

ड्राइफूड घेवर, घेवर मलाई व मावा वाले की बाजार में मांग है। ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। लोग रिश्तेदारों को भिजवा भी रहे हैं। इस बार 500 से 700 रुपये प्रतिकिलो तक का घेवर है।

- राजीव जलाली, जलाली स्वीट्स सेंटर

बाजार महामारी से उभर रहे हैं। रक्षाबंधन से पहले बाजारों में ग्राहकों की भीड़ अच्छी आ रही है। बिक्री भी होने लगी है। हमारे यहां छोटे घेवर की खास मांग है।

- राजीव ख्यालीराम, ख्यालाराम स्वीट्स सेंटर

पारंपरिक ग्राहकों की घेवर के आर्डर आने लगे हैं। लोग उपहार स्वरूप मेवा युक्त मलाई घेवर अपने स्वजन के पास भी भेजते हैं। पिछली बार महामारी के चलते कारोबार काफी मंदा रहा था। इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

- नकुल वडेरा , मालिक, विकास स्वीट्स

इसी महीने बहन की शादी हुई है। ब्रज क्षेत्र में हर त्योहार को बहन बेटियों के ससुराल में उपहार स्वरूप मिठाई भेजने की परंपरा है। हमने बहन की ससुराल में घेवर व अन्य सकुन की खाद्य वस्तुओं को भेजने के लिए खरीदारी की है।

- शशांक अग्रवाल, ग्राहक

 

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