चार अक्टूबर को लगेगा अप्रेंटिस मेला, युवाओं को फैक्ट्रियों मिलेगा हुनर Aligarh news

राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के छात्र -छात्राएं या तकनीक क्षेत्र में रूचि रखने वाले युवाओं को ताला-हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रसीजन या आटो मोबाइल्स पार्ट्स तैयार करने का अलीगढ़ की उत्पादन यूनिट (फैक्ट्री) प्रशिक्षण देंगी। इसके लिए राष्ट्रीय शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना एवं मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है।

Anil KushwahaTue, 28 Sep 2021 08:43 AM (IST)
आइटीआइ रोड स्थित जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र पर उद्यमी व व्यापारी संगठनों की बैठक हुई।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के छात्र -छात्राएं या तकनीक क्षेत्र में रूचि रखने वाले युवाओं को ताला-हार्डवेयर, इंजीनियरिंग प्रसीजन या आटो मोबाइल्स पार्ट्स तैयार करने का अलीगढ़ की उत्पादन यूनिट (फैक्ट्री) प्रशिक्षण देंगी। इसके लिए राष्ट्रीय शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना एवं मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना (सीएम-एपीएस व एनएपीएस) शुरू की गई है।चार अक्टूबर को आइटीआइ प्रांगण में अप्रेंटिस मेला लगेगा। प्रशिक्षुओं को 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सरकार मानदेय भी देगी। एमएसएमई विभाग ने फैक्ट्रियों के मालिकों या फर्म का पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।

एक ही स्‍थान पर प्रशिक्षण चयन के लिए अप्रेंटिस मेले का आयोजन

लाभार्थियों को एक ही स्थान पर प्रशिक्षण चयन के लिए अप्रेंटिस मेला का आयोजन किया है। ताकि लाभर्थी अपने हुनर व रूचि के हिसाब से फैक्ट्रियों का चयन कर सके। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को आइटीआइ रोड स्थित जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र पर उद्यमी व व्यापारी संगठनों की बैठक हुई। उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने बताया कि फैक्ट्रियों के मालिकों को कुल कार्मिक के ढाई से 15 फीसद तक युवाओं को अप्रेंटिस करानी होगी। इसके लिए विभाग के पोर्टल पर फैक्ट्री या फर्म मालिक को अपने यहां रिक्त पदों का ब्योरा भी देना होगा।

युवाओं के कौशल विकास पर जोर दे रही सरकार

मोदी-योगी सरकार युवाओं के कौशल विकास पर जोर दे रही है। इसके लिए सीएम-एपीएस व एनएपीएस योजनाओं को लांच किया गया है। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए 28 जुलाई से विभागीय अफसर जुटे हैं। सरकार की मंशा है कि महामारी के चलते कुशलकारीगर दूसरे राज्यों में नौकरी कर रहे थे, ऐसे लोगों को उन्हीं के ग्रह जनपद में रोजगार दिया जाए। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। आइटीआइ का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक ज्ञान अर्जित कराने के लिए इन दाेनों योजनओं को परवान चढ़ाने की योजना लांच की गईं।

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