एएमयू प्रोफेसर ने बेबुनियाद बताए पहली पत्नी के आरोप, पत्‍नी ने लगाए थे कुछ ऐसे आरोप Aligarh News

एएमयू प्रोफेसर ने बेबुनियाद बताए पहली पत्नी के आरोप, पत्‍नी ने लगाए थे कुछ ऐसे आरोप Aligarh News
Publish Date:Sat, 19 Sep 2020 06:35 PM (IST) Author: Sandeep Saxena

अलीगढ़ जेएनएन : एएमयू के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर खालिद बिन यूसुफ खां ने श्रीनगर निवासी पहली पत्नी यासमीन के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा है कि यासमीन ने अपने बायोडेटा में खुद अविवाहित, फैशन डिजाइनिंंग में डिप्लोमा और पिता को सरकारी मुलाजिम बताया था। 21 जनवरी-1995 को निकाह कर लिया। बाद में पता चला कि वह 12वीं पास और तलाकशुदा हैं और पिता ट्रक चालक हैैं। कश्मीर से दिल्ली आकर मनीषा पुत्री एआर राव नाम से रही थीं। सच्चाई जाहिर होने पर माफी मांग ली। 

27 लाख का फ्लैट खरीद कर दिया

उन्होंने यासमीन को बीएड, एमए कराया। बाद में तलाक दे दिया। मामला फैमिली कोर्ट पहुंचा तो छह फरवरी, 2018 को समझौता पत्र दाखिल कर दिया। धौर्रा में 27 लाख का फ्लैट खरीद कर दिया। 20 हजार रुपये महीना देना तय था। बाद में घरेलू हिंसा केस दायर कर दिया, जिसे एसीजेएम आठ की कोर्ट ने 27 फरवरी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दोनों में तलाक हो चुका है। 

दूसरी पत्नी तलब

प्रोफेसर ने बताया कि उन्होंने 17 जुलाई, 2019 को दूसरा निकाह कर लिया। इस पर यासमीन ने आपत्ति कर कोर्ट में वाद दायर कर दिया। उत्पीडऩ के आरोप लगा रही हैं, जबकि कोर्ट में तलाक होना स्वीकार चुकी हैं। कोर्ट ने प्रोफेसर व उनकी दूसरी पत्नी को छह अक्टूबर को तलब किया है। 

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