एंबुलेंस कर्मियों का धरना खत्म हुआ, कार्य बहिष्कार जारी Aligarh news

जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहा चक्का जाम अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रशासन के दबाव बनाने पर कर्मचारियों ने संत फिडेलिस स्कूल के पास मैदान में चल रहा धरना भले ही खत्म कर दिया हो लेकिन कार्य बहिष्कार जारी है ।

Anil KushwahaWed, 28 Jul 2021 12:25 PM (IST)
प्रशासन के दबाव पर कर्मचारियों ने संत फिडेलिस स्कूल के पास मैदान में चल रहा धरना खत्‍म कर दिया।

अलीगढ़, जेएनएन।  जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहा चक्का जाम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रशासन के दबाव बनाने पर कर्मचारियों ने संत फिडेलिस स्कूल के पास मैदान में चल रहा धरना भले ही खत्म कर दिया हो, लेकिन कार्य बहिष्कार अभी जारी है ।ज्यादातर एंबुलेंस अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच तो गई हैं, मगर अभी 102 या 108 नंबर पर कॉल करने के बाद एंबुलेंस नहीं भेजी जा रही। कर्मचारियों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सूचना मिलने पर ही जरूरतमंदों के एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। यह व्यवस्था पहले भी आंशिक रूप से उपलब्ध थी। कार्यबहिष्कार जब तक जारी रहेगा, जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती।

सप्‍ताह भर पहले शुरू हुआ था आंदोलन

नई कंपनी को एबुलेंस संचालन का अनुबंध दिए जाने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सप्ताह भर पहले आंदोलन शुरू कर दिया था। मांगे पूरी ना होने पर कर्मचारियों ने सोमवार को चक्का जाम कर दिया । तमाम एंबुलेंस रामघाट रोड स्थित संत फिडेलिस स्कूल के पास मैदान में खड़ी कर दी गई । इससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में लोगों को काफी परेशानी हुई खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में। कर्मचारियों ने संचालन कंपनी बदले जाने के बाद समायोजन व अन्य मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया।

सियासत शुरू होने पर प्रशासन ने दिखाई सख्ती

एंबुलेंस कर्मियों के आंदोलन पर मंगलवार को सियासत शुरू हो गई थी बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष व नगर पंचायत हरिद्वार गंज के चेयरमैन तिलक राज यादव दर्जनों बसपाइयों के साथ धरना स्थल पर पहुंच गए। सरकार को निशाना बनाते हुए एंबुलेंस कर्मियों को हरसंभव समर्थन का ऐलान किया ।उनके लिए भोजन व पानी की व्यवस्था कराई ।खुद भी घंटों तक धरने पर बैठे ।प्रशासन को जैसे ही इस बात की भनक लगी अधिकारियों को धरना खत्म कराने के लिए लगा दिया । दोपहर बाद से देर रात तक एंबुलेंस कर्मियों को समझा बुझाया गया। मरीजों की मौत होने या परेशानी होने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई । अंततः एंबुलेंस कर्मियों को झुकना पड़ा । रात में धरना खत्म करके मैदान खाली करके चले गए।

नहीं अटेंड की काल

एंबुलेंस कर्मियों ने संसद दलित के पास मैदान से धरना तो खत्म कर दिया एंबुलेंस भी संबंधित इलाकों में पहुंचा दी गई, लेकिन लखनऊ से आई कोई भी काल अटेंड नहीं की। बुधवार को भी यही स्थिति रही। लोगों ने 102 व 108 नंबर पर काल मिलाई, वहां से कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की सूचना दी गई। कुछ काल एंबुलेंस कर्मियों को ट्रांसफर भी की गई , लेकिन उन्होंने अटेंड करने से इंकार कर दिया। स्पष्ट कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, आईडी पर कोई भी काम नहीं होगा। यदि मरीजों को जरूरत होगी तो स्थानीय अधिकारियों व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की सूचना पर गंभीर मरीजों के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। बहरहाल एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार से अभी मरीजों की समस्या खत्म नहीं हुई है।

ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की मांगे

कर्मचारियों को न बदला जाए और वेतन मे कटौती ना की जाए, पुराने अनुभवी कर्मचारी ही रखें जाए। कर्मचारी समायोजित के दौरान संचालन करता कंपनी द्वारा प्रशिक्षण के नाम किसी भी कर्मचारी से डीडी ना लिया जाए। जब गाड़ी सरकारी कर्मचारी की ट्रेनिगं सरकार के पैसे से तो कंपनी बीच मे क्यों ? कर्मचारियों को हरियाणा की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन करना चाहिए। करोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्धा एंबुलेंस कर्मचारियों को ठेकेदारी से निजात मिलनी चाहिए। कोरोना में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को जल्द बीमा राशि 50 लाख और सहायता राशि सरकार की तरफ से जल्द जारी हो। जब तक राज्य में एंबुलेंस कर्मचारियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन नहीं किया जाता तब तक 18 हजार न्यूनतम वेतन लागू कर प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता भी दिया जाए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.