Aligarh Panchayat Chunav 2021: ग्राम सभाओं में बिछने लगी राजनीति बिसात

गांव की सरकार बनाने के लिए मतदाता किसे चुनेंगे, ये तो भविष्य बताएगा।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनाव चिह्न आवंटन के बाद प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशी घर-घर संपर्क कर वोट मांग रहे हैं। चौपालों में भी मतदाताओं को रिझाने के पूरे प्रयास हो रहे हैं।

Sandeep Kumar SaxenaFri, 23 Apr 2021 07:26 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनाव चिह्न आवंटन के बाद प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशी घर-घर संपर्क कर वोट मांग रहे हैं। चौपालों में भी मतदाताओं को रिझाने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। प्रत्याशियों के गांव पहुंचते ही समर्थक जोशीला स्वागत कर उनके पक्ष में माहौल बना रहे हैं। इधर, प्रत्याशियों के कार्यालय भी चहलकदमी से देरशाम तक गुलजार रहते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते एहतियात भी बरता जा रहा है। प्रत्याशी मास्क अौर सैनिटाइजर साथ लेकर प्रचार में निकल रहे हैं। 

विकास का आश्वासन दे रहे प्रत्‍याशी

जिला पंचायत की सीटों को लेकर ग्राम सभाओं में राजनीति बिसात बिछने लगी है। प्रचार में जुटे प्रत्याशी सजातीय मतदाताओं को समेटने का तानाबाना बुनने में लगे हैं। राजनीतिक दल वोट बैंक मजबूत करने के लिए अलग-अलग जातियों के कद्दावर लोगों को प्रचार में उतार रहे हैं। स्टार प्रचारकाें की सूची भी तैयार है। सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी जहां क्षेत्रीय लोगों को विकास का आश्वासन दे रहे हैं, वहीं विपक्षी दल अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की दुहाई देकर भविष्य में विकास का भरोसा दिला रहे हैं। इधर, सड़क किनारे चाय-पान की दुकानों, चौपालों में प्रत्याशियों की जीत-हार पर चर्चा शुरू हो गई है। प्रत्याशियों के समर्थक चौपालों में अपने हिसाब से जीत के दावे कर रहे हैं। गांव की सरकार बनाने के लिए मतदाता किसे चुनेंगे, ये तो भविष्य बताएगा। 

इंटरनेट मीडिया के जरिए बना रहे पैंठ

कोरोना संकट में इंटरनेट मीडिया प्रचार का विकल्प बन गया है। संक्रमण का हवाला देकर प्रत्याशी फेसबुक, वाट्सएप के जरिए मतदाताओं में पैंठ बना रहे हैं। पंचायत चुनाव में यह पहली बार है जब प्रत्याशी इंटरनेट मीडिया पर इतनी तेजी से सक्रिय हुए हैं। फेसबुक पर दिनभर के जनसंपर्क की तस्वीरें पोस्ट कर सहयोग की अपील की जा रही है। समर्थक भी उनकी पोस्ट शेयर कर प्रत्याशियों का मनाेबल बढ़ा रहे हैं। जीत के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, कम पढ़े-लिखे बुजुर्ग प्रत्याशी बच्चों की मदद लेकर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं। फेसबुक पर जनसंपर्क का लाइव वीडियो भी चल रहा है। जिन पर तमाम तरह के कमेंट किए जा रहे हैं। चुनाव में पुन: किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों से उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हिसाब मांगा जा रहा है। तो वहीं, चुनाव जीतने के बाद भविष्य की योजनाओं पर सवाल किए जा रहे हैं।

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