Aligarh IMA celebrated World Blood Donor Day 2021: रक्‍तदाताओं का मनोबल बढ़ाना जरूरी

World Blood Donor Day 2021आइएमए के सचिव डॉ भरत कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि विश्व रक्तदाता दिवस हर साल 14 जून को मनाया जाता है। यह दिवस 14 जून 1868 को पैदा हुए एबीओ रक्त समूह की खोज करने वाले कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है।

Sandeep Kumar SaxenaSun, 13 Jun 2021 06:16 AM (IST)
रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए गोष्‍ठी को संबोधित करते आइएमए के सचिव डा भरत वार्ष्‍णेय।

अलीगढ़, जेएनएन। World Blood Donor Day 2021 इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अलीगढ़ शाखा द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस की पूर्व संध्या पर मानिक चौक स्थित हाईटेक पैथोलॉजी पर एक गोष्ठी का  आयोजन किया गया। इसमें अध्यक्ष डॉ विपिन गुप्ता ने बताया कि दुनिया भर में रक्त की जरूरत को पूरा करने के लिए और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने तथा रक्त दाताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए रक्‍तदाता दिवस मनाया जाता है। रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए हर साल विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। 

"खून दे और दुनिया को धड़कने दो"

 आइएमए के सचिव व सीनियर पैथोलाजिस्ट डॉ भरत कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि किसी अपने की जान बचाने के लिए रक्तदान की बात सुनते ही लोग हिचकने लगते हैं। उन्हें रक्तदान से खतरा या शारीरिक कमजोरी आने की आशंका रहती है, लेकिन यह गलत है। रक्तदान से नुकसान नहीं, बल्कि कई फायदे हैं। इससे शारीरिक व मानसिक विकास स्वस्थ रहता है। विश्व रक्तदाता दिवस हर साल 14 जून को मनाया जाता है।  यह दिवस 14 जून 1868 को पैदा हुए एबीओ रक्त समूह की खोज करने वाले कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है। इस अभियान से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह दिन उन सभी रक्त दाताओं को धन्यवाद करने का दिन है, जो रक्तदान करते आए हैं। इसका उद्देश्य स्वेच्छा और बिना पैसे लिए रक्त दाताओं को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में बिना परेशानी के जरूरतमंद को रक्त  उपलब्ध हो सके। वर्ल्ड ब्लड डोनर डे दुनिया भर में एक खास थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल की थीम है "खून दे और दुनिया को धड़कने दो"।  आज भी दुनिया भर के लोगों में रक्तदान को लेकर अलग-अलग भ्रम हैं कई लोग रक्तदान करते समय काफी डरते हैं लेकिन रक्तदान करने से कोई खतरा नहीं होता है बल्कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। ब्लड डोनेट करने से किसी भी तरीके की कमजोरि यां हिमोग्लोबिन की कमी नहीं होती।  एक स्वस्थ आदमी हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है। 

कोरोनाकाल में आई खून की कमी

सीनियर पैथोलाजिस्ट डॉ भरत कुमार वार्ष्णेय ने बताया कोरोना काल की वजह से ब्लड बैंक में काफी खून की काफी कमी हो गई है इसलिए आईएमए के माध्यम से हम यह अपील करते हैं सभी स्वस्थ जन रक्तदान करें और किसी की जिंदगी बचाने में अपना सहयोग दें।  कोषाध्यक्ष डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह ने बताया हम विश्व रक्तदाता दिवस 2021 के अवसर पर उन सभी रक्त दाताओं को हार्दिक नमन और धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने निस्वार्थ और स्वेच्छा से रक्तदान किया है और करते आ रहे हैं। 18 से 18 से 65 वर्ष की आयु वाला कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है, जिसको कोई भी संक्रमण रोग ना हो साथ ही उसका न्यूनतम वजन 50 किलोग्राम हो।

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