अलीगढ़ के व्‍यापारी बोले, बजट से जिले के विकास को रफ्तार की आस

सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ को क्या देंगे, यह बजट आने पर ही पता लग सकेगा।

बजट आने वाला है। विकास की उम्मीदें इसे से जुड़ी हैं। कई योजनाएं अधूरी हैं तो कई नई योजनाओं की मांग लंबे समय से की जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ को क्या देंगे यह बजट आने पर ही पता लग सकेगा।

Sandeep kumar SaxenaMon, 22 Feb 2021 07:43 AM (IST)

अलीगढ़,जेएनएन। बजट आने वाला है। विकास की उम्मीदें इसे से जुड़ी हैं। कई योजनाएं अधूरी हैं तो कई नई योजनाओं की मांग लंबे समय से की जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ को क्या देंगे, यह बजट आने पर ही पता लग सकेगा। लेकिन, कोरोना से त्रस्त लोग लगभग सभी लोग सरकार से रियायत और सुविधाएं चाहते हैं। सभी की अपनी-अपनी आकांक्षाएं और मांगें हैं। टैक्स, महंगाई व बेरोजगारी पर सरकार कुछ करती है या नहीं, इस पर भी हर कोई नजर गढ़ाए है।  किसान, मजदूर, व्यापारी, कारोबारी, चिकित्सक, शिक्षक समेत हर वर्ग की नजर बजट पर है। इस बजट से उम्मीदों पर प्रस्तुत है एक रिपोर्ट... 

कारोबारियों को उम्मीदें 

- पारंपरिक ताला-हार्डवेयर कारोबार को ओडीओपी में शामिल किया गया है। इसका बजट बढ़ाया जाए।

- ताला नगरी स्मार्ट इंडस्ट्री एस्टेट में शामिल है, मगर सुविधाएं नहीं हैं। 

- ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि का अधिग्रहण हो गया है। लैंड यूज चेंज कर इसे विकसित किया जाए। (

- पीतल की मूर्ति निर्माण को ओडीओपी में शामिल किया जाए। 

- आयरन व जिंक के बिजली फिङ्क्षटग निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाए। 

ओडीओपी में शामिल हो आर्टवेयर कारोबार 

अलीगढ़ निर्मित पीतल की मूर्ति की चमक देश-दुनिया में है। कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों ने कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।  आर्टवेयर कारोबार को ओडीओपी में शामिल किया जाए। 

हनुमंतराम गांधी, पीतल मूर्ति निर्माता-निर्यातक 

बिजली  फिटिंग में प्रयोग करने वाले आयरन व ङ्क्षजक में फैन बॉक्स, जंक्शन बाक्स, पाइप, गार्डन पोल, एलईडी फ्रेम सहित 100 से अधिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। सरकार इस इंडस्ट्रीज को विकसित करने के लिए कदम उठाए। 

मयंक भारद्वाज, निर्माता 

ताला-हार्डवेयर, पीतल की मूर्ति व अलीगढ़ निर्मित अन्य उत्पादों को देशी बाजार में पहुंचाने का काम ट्रांसपोर्टर करते हैं। पिछले 40 साल से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है। इसे विकसित किया जाए। 

अजयपाल सिंह, अध्यक्ष, गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन  

पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर पहुंच रहे हैं। इन्हें काबू में करने के लिए योगी सरकार वैट कम कर आमजन को राहत दे। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस फार्मूला से रेट कम किए है।

अजय धनराज, उपभोक्ता 

टैक्स से मिले राहत 

कोरोना संकट के बाद अभी भी होटल इंडस्ट्रीज नहीं उभर पा रही है। सरकार इसे विकसित करने के लिए पर्यन को बढ़ावा दे। नए होटलों को टैक्स से राहत मिलनी चाहिए। 

- प्रमीत गुप्ता ऊर्फ पम्मी, होटल कारोबारी

बिल्‍डिंग मैटेरियल के दाम आसमान पर हैं। भवन निर्माण से जुड़ी अन्य सामग्री महंगी है। दिल्ली सरकार की तर्ज पर प्रॉपर्टी के सर्किल रेट कम करने का प्रावधान लाया जाए।  

योगेंद्र  सिंह बंटी, रियल एस्टेट कारोबारी 

सस्ते हों मेडिकल उपकरण 

यूपी आइएमए के सेक्रेट्री डा. जयंत शर्मा का कहना है कि मरीजों को सस्ता इलाज देने के लिए जरूरी है कि दवा व मेडिकल उपकरणों पर लगने वाले टैक्स-ड्यूटी कम किए जाएं। हास्पिटल संचालकों को कई तरह के टैक्स देने पड़ते हैं, उनका समाधान एकल खिड़की के माध्यम से हो। मेडिकल की पढ़ाई बहुत महंगी है। गरीब तबके का कोई छात्र अब डाक्टर बनने की नहीं सोच सकता। इस दिशा में ठोस उपाय होने चाहिए।

सरकारी अस्पतालों में बढ़ें सुविधाएं 

सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता त्रिलोकीनाथ गौड़ ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना हर किसी के बस में नहीं। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं न होने से गरीब तबके के मरीजों को कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ता है। बाजार में जिस दवा की किल्लत होती है, वही सबसे महंगी मिलने लगती है। निजी चिकित्सक जेनरिक दवा लिखने को तैयार नहीं। सरकारी अस्पतालों में डाक्टर, विशेषज्ञ व अन्य सुविधाएं बढ़ जाए तो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज खुद सस्ता हो जाएगा। 

केंद्र ने किसानों को मायूस किया, राज्य से है उम्मीद 

केंद्र सरकार के बजट ने किसानों को मायूस किया। अब राज्य सरकार से उम्मीदें हैं। डीजल पर टैक्स कम कर सरकार राहत दे सकती है। खाद में अनुदान बढ़ाया जाए। गन्ना किसानों को कोई सहुलियत नहीं मिली है। अलीगढ़ में नई मिल स्थापित की जाए। 

-सतीश तोमर, कैथवार

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