अनदेखी : वाइडर निर्माण में सड़क भूल गए अलीगढ़ एडीए के अफसर

अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की सुस्ती के कारनामे किसी से छिपे नहीं है।

अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की सुस्ती के कारनामे किसी से छिपे नहीं है। अब शहर के बीचों बीच से गुजर रहे जीटी रोड पर नौरंगाबाद छावनी से एटा चुंगी और एटा चुंगी से धनीपुर मंडी तक प्राधिकरण ने डिवाइडर तो बना दिया।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 11:29 AM (IST) Author: Sandeep kumar Saxena

अलीगढ़, जेएनएन। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की सुस्ती के कारनामे किसी से छिपे नहीं है। अब शहर के बीचों बीच से गुजर रहे जीटी रोड पर नौरंगाबाद छावनी से एटा चुंगी और एटा चुंगी से धनीपुर मंडी तक प्राधिकरण ने डिवाइडर तो बना दिया, लेकिन विभाग दोनों ओर की सड़क बनाना भूल गया। ऐसे में अब संकरी सड़क से गुजरने पर लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। हालांकि, विभागीय अफसर बजट न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अब लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर सड़क का निर्माण पूर्ण करने की मांग की है। 

डिवाइडर बनने से सड़क औंर संकरी 

विकास प्राधिकरण ने पिछले दिनों जीटी रोड शहरी क्षेत्र में नौरंगाबाद छावनी से एटा चुंगी तथा एटा चुंगी से धनीपुर मंडी तक डिवाइडर का निर्माण कराया था। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए एनओसी दी। इसमें शर्त तय की थी कि डिवाइडर बनाने के साथ ही सड़क का चौड़ीकरण भी करेंगे। विकास प्राधिकरण ने डिवाइडर तो बना दिया, लेकिन सड़क नहीं बनाई। अंतिम समय में बजट की कमी भी आड़े आ गई। डिवाइडर बनने से अब यह सड़क औंर संकरी हो गई है। ऐसे में यहां से निकलने वाले लोगों को दिक्कतें होती हैं। अब पिछले दिनों लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने एडीए को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि डिवाइडर उसी स्थल पर बनाए जा सकते हैं, जहां पर डिवाइडर के दोनों ओर दो-दो लेन मार्ग उपलब्ध हो, लेकिन अब डिवाइडर बनने से यह सड़क संकरी हो गई है। उन्होंने कहा कि जनहित में जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माझा कार्य पूरा कराया जाए। 

अधूरा पड़ा है डिवाइडर

हालांकि, बजट के अभाव में एडीए इस डिवाइडर का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं करा पा रहे है। एटा चुंगी से लेकर धनीपुर मंडी तक का काफी भाग अधूरा पड़ा है। एडीए के अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया ने बताया कि बजट के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया था। अब उच्च अफसरों के आदेश पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.