परीक्षा के बाद शरीर को मजबूत व स्वस्थ्य बनाने के लिए होंगे ‘अतिरिक्त प्रयास’, जानिए मामला

माध्यमिक विद्यालयों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद विद्यालयों में एक अतिरिक्त प्रयास भी किया जाएगा। शरीर को मजबूत व स्वस्थ्य बनाने के उद्देश्य से ये इस कवायद को अंजाम दिया जाएगा। परीक्षा के एक अतिरिक्त कक्षा छात्र-छात्राओं को सशक्त बनाएगी।

Sandeep Kumar SaxenaSun, 28 Nov 2021 05:57 PM (IST)
डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने दी जानकारी।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। माध्यमिक विद्यालयों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद विद्यालयों में एक अतिरिक्त प्रयास भी किया जाएगा। शरीर को मजबूत व स्वस्थ्य बनाने के उद्देश्य से ये इस कवायद को अंजाम दिया जाएगा। ठंड के मौसम में यह कवायद विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए काफी हितकर भी होगी। इसके क्रियान्वयन के लिए अभी से जिला पीटीआइ व खेल शिक्षकों को खाका तैयार करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। एक अतिरिक्त कक्षा भी चलाई जाए तो उसे भी शिक्षक-शिक्षिकाएं पीछे नहीं हटेंगे। केंद्र सरकार के खेलो इंडिया व फिट इंडिया मिशन के तहत ये कदम माध्यमिक विद्यालयों में उठाया जा रहा है।

छात्र ऐसे बनेंगे खिलाड़ी

परीक्षा के एक अतिरिक्त कक्षा छात्र-छात्राओं को सशक्त बनाएगी। विद्यार्थियों को मजबूत बनाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में खेलकूद प्रतियोगिताएं कराने को लेकर कवायद की जा रही है। हर विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। साथ ही विद्यार्थियों को उनके रुचि के खेलों में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं जिला से लेकर मंडल व राज्यस्तर तक इनको बेहतर प्रशिक्षण देकर प्रतिभाग भी कराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर यूपी बोर्ड की ओर से बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के संबंध में पहले से ही व्यवस्था की गई थी। अब इस आदेश और मिशन दोनों को जोड़कर बेटियों को मजबूत बनाने का सपना साकार किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों की ओर से आदेश भी प्रधानाचार्यों को जारी कर दिए गए हैं। बेटियों की सुरक्षा व उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन की ओर से कई कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। मिशन शक्ति अभियान भी चलाया गया है। अभी कुछ दिन पहले ही माध्यमिक विद्यालयों में विशेष मिशन शक्ति अभियान चलाया गया है। इसके तहत छात्राओं व बेटियों को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए जाएंगे। बेटियों की भागीदारी कुछ संस्थानों से कम है तो कुछ संस्थानों से ज्यादा है। ज्यादा संख्या में बेटियां आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लें और विषम परिस्थितियाें का सामना कर सकें, इसके लिए शासन स्तर से नई योजना शुरू की जा रही है। इसका लाभ बेटियों को मिलेगा। साथ ही शिक्षिकाएं भी इसके प्रति जागरूक होंगी।

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। खेल प्रशिक्षकों को व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए हैं। विधिवत कक्षाओं के संचालन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कराया जाएगा। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास भी जगेगा।

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