12 घंटे बाद मिलती है बेटे की झलक, चाहकर भी छू नहीं पाती Aligarh News

सिपाही दीपा 12 घंटे बाद रात को अपने बेटे की झलक देख पाती हैं।

एक मां अपने 14 महीने के बेटे से दूर रहने के बारे में भला कैसे सोच सकती है। लेकिन इस कोरोना काल ने उस मां को भी जिगर के टुकड़े से अलग कर दिया। थाना बन्नादेवी में तैनात सिपाही दीपा 12 घंटे बाद बेटे की झलक देख पाती हैं।

Sandeep Kumar SaxenaSun, 09 May 2021 11:40 AM (IST)

अलीगढ़, सुमित शर्मा। एक मां अपने 14 महीने के बेटे से दूर रहने के बारे में भला कैसे सोच सकती है। लेकिन, इस कोरोना काल ने उस मां को भी जिगर के टुकड़े से अलग कर दिया। थाना बन्नादेवी में तैनात सिपाही दीपा 12 घंटे बाद रात को अपने बेटे की झलक देख पाती हैं। देखते ही उसकी तरफ दौडऩे को दिल करता है। लेकिन, चाहकर भी उसे छू नहीं पाती। हाथ-पैर धोने के बाद खुद को सैनिटाइज करने के दौरान एक-एक पल कटोचता है। बेटे को गले लगाकर मिलने वाले सुकून को बयां नहीं कर सकतीं।

दीपा ऐसे कर कर रहीं संंघर्ष  

शहंशाह तिराहा निवासी दीपा चौधरी के पति गौरव कुमार भी नोएडा में कांस्टेबल हैं। दो महीने से गौरव इसीलिए घर नहीं आए कि बेटे कबीर को दिक्कत न हो। मां सुबह आठ बजे ड्यूटी पर चली जाती हैं। बेटे की देखभाल करने के लिए एक महिला रखी हुई है। दीपा यहां कोविड हेल्प डेस्क पर अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की मदद करती हैं। लेकिन, उनका मन बेटे में अटका रहता हैं। कहती हैं कि पहले तो कभी-कभार बच्चे को साथ ले आती थी। लेकिन, अब हालात ऐसे नहीं हैं। जब देखभाल करने वाली महिला नहीं आती, तो पड़ोसियों के भरोसे बेटे को छोडऩा पड़ता है। पति भी चिंता करते हैं। वीडियो काल पर बेटे को देखकर खुश हो जाते हैं। दीपा दिनभर बेटे से अलग रहती हैं। रात आठ बजे घर पहुंचती हैं तो नहाने और खुद को सैनिटाइज करने के बाद बच्चों से मिलती हैं। कहती हैं कि नौकरी है तो सब एडजस्ट करना पड़ता है।

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