जेएन मेडिकल में भीम आर्मी के चंद्रशेखर की पुलिस से नोंकझोंक, हंगामा, हमशक्‍ल संदिग्‍ध गिरफ़तार

भीम आर्मी के चंद्रशेेेेेखर आजाद की जेएन मेडिकल में नोकझोंक।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 04:35 PM (IST) Author: Sandeep Saxena

अलीगढ़ जेएनएन: जेएन मेडिकल कॉलेज में पीड़िता से मिलने पहुंचे भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। हंगामे के दौरान चंद्रशेखर ने कहा, वह सुबह अलीगढ़ के लिए निकले थे। इस दौरान पुलिस- प्रशासन ने पहले रास्ते मे गाड़ी रोककर जब्त कर ली। फिर रोडवेज में बैठे तो बस रोक ली और बाइक से निकले तो उसे भी रोक लिया। वह बाइक से यहां तक पहुंचे हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि एक भाई अपनी बहन से मिलने आया है। इससे पहले चंद्रशेेेेेखर आजाद के एक हमशक्‍ल संदिग्‍ध को पुलिस ने गिरफ़तार किया है। पुलिस को गुमराह कर असली चंद्रशेखर पीड़ित युवती से मिलने की सूचना पर जेएन मेडिकल में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। हाथरस के बूलगढ़ी में रविवार को भीम आर्मी के संस्थापक के पहुंचने की सूचना पर अतिरिक्‍त पुलिस तैनात कर दी गई है। गांव में   चंदपा, कोतवाली सदर, मुरसान व हाथरस गेट का पुलिस बल तैनात किया गया है। 

दिल्‍ली हाइवे पर कार्यकर्ताओं से नोकझोंक

भीम आर्मी के चंदेशेखर आजाद के आगमन को लेकर अलीगढ़ की पुलिस बेहद चौकन्‍ना है। सीमा पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है। दिल्‍ली हाइवे के गभाना टोल प्लाजा पर कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। अलीगढ़  आने से रोकने के लिए दिल्ली की तरफ से आने वाले प्रत्येक वाहन को चेक किया जा रहा हैैै। टोल प्‍लाजा पर पहुंंचे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। बाद में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। पुलिस  प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरन कार्यकर्ताओं से नोकझोंक भी हुई।

यह है मामला

हाथरस के गांव बूलगढ़ी की इस अनुसूचित जाति की बेटी पर दस दिन पहले उस समय हमला हुआ था, जब वह मां के के साथ खेत पर चारा लेने गई थी। पहले एक आरोपित के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में युवती के बयान के आधार पर चार युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद से यह मामला गरमाया हुआ है। पुलिस चारों आरोपितों को जेल भी भेज चुकी है। युवती को उसी दिन गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। युवती मेडिकल आई थी, तब सांस में दिक्कत थी। हालत खराब होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। 

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