जिला अस्पताल से हटाईं 18 नर्स, बंद हुए डेंगू व मेडिसिन वार्ड, ये है वजह

सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की कितनी भयंकर कमी है? यह विगत दो दिनों में ही सामने आ गया है। दरअसल यहां कोरोना संकट काल में संबद्ध की गई 18 नर्सों को सीएमओ ने वापस बुला लिया है सभी की ड्यूटी कोविड टीकाकरण में लगाई गई है।

Anil KushwahaSun, 28 Nov 2021 09:03 AM (IST)
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की जबर्दस्‍त कमी है।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व अन्य स्टाफ की कितनी भयंकर कमी है? यह विगत दो दिनों में ही सामने आ गया है। दरअसल, यहां कोरोना संकट काल में संबद्ध की गई 18 नर्सों को सीएमओ ने वापस बुला लिया है, सभी की ड्यूटी कोविड टीकाकरण में लगाई गई है। एक साथ इतनी नर्स कम होने से वार्डों में मरीजों को समस्या होने लगी है। लिहाजा, अस्पताल प्रशासन ने डेंगू व मेडिसन वार्ड को बंद कर दिया है। सीएमएस ने एडी हेल्थ को पत्र नर्सों की नियुक्ति कराने की मांग की है।

जिला अस्‍पताल में सिस्‍टर के 11 स्‍थाई पद रिक्‍त

जिला अस्पताल में सिस्टर के 11 स्थाई पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष केवल एक पर ही नियुक्ति है। इस तरह स्टाफ नर्स के 26 पद स्वीकृत हैं, इनके सापेक्ष 15 पर ही नियुक्ति हैं। अस्पताल में करीब आठ वार्डों में भर्ती होने वाले 150-200 मरीजों की देखभाल के लिए 16 नर्स ही तैनात हैं। इनमें वार्डेन व मेटर्न भी शामिल हैं। यदि इन्हें तीन शिफ्टों में बांट दिया जाए तो चार से पांच नर्सों की आठ वार्ड संभालने पड़ेंगे। कोरोना संकट काल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीएमओ ने करीब 18 नर्स (सीएचओ भी शामिल) संबद्ध कीं, जिन्हें दो दिन पूर्व वापस बुला लिया।

बंद करने पड़े वार्ड

नर्सों की कमी से वार्डों में मरीजों को भर्ती करने से लेकर उपचार और डिस्चार्ज में समस्या हो गई। प्रबंधन ने डेंगू वार्ड व मेडिसन वार्ड (आठ नंबर) पर ताले डाल दिए। मरीजों को लौटाया जा रहा है। इससे तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है।

इनका कहना है

संबद्ध नर्सों को अचानक हटा दिया गया, जो उचित नहीं है। हमारे पास 37 नर्सों के सापेक्ष मात्र 16 ही नियुक्त हैं। शिफ्टवाइज ड्यूटी लगाएं तो सात-आठ वार्डों को चार-पांच नर्स कैसे देंखेंगी। एडी हेल्थ को पत्र लिख दिया है।

- डा. रामकिशन, सीएसएस जिला अस्पताल।

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किसी भी स्टाफ की संबद्धता अल्पकाल के लिए की जाती है। यह हेल्दी सीजन है, 70-80 मरीज ही भर्ती हैं। इस समय टीकाकरण सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। वहीं, संबद्धता समाप्त करने के निर्देश भी हमें मिले हैं। मरीजों को समस्या होगी तो पुनः स्टाफ को संबद्ध करने पर विचार होगा। मेरी सलाह है कि प्रबंधन शासन से स्टाफ की मांग करें।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ।

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