Yamuna Pollution: यमुना का जल हो रहा जहरीला, हजारों मछलियों ने तोड़ दिया दम

आगरा में यमुना किनारे लगा हुआ है मरी हुई मछलियों का ढेर। गोकुल बैराज से छोड़े गए पानी के साथ आई हैं बहकर। बल्‍केश्‍वर और बेलनगंज के बीच कई जगहों पर देखी गईं हैं मरी हुईं मछलियां। नदी में जाने से नहीं रोक पाए नालों का प्रदूषित जल।

Prateek GuptaFri, 23 Jul 2021 10:16 AM (IST)
आगरा में यमुना किनारे लगा हुआ मरी हुईं मछलियों का ढेर।

आगरा, जागरण संवाददाता। यमुना के प्रदूषित जल में हजारों मछलियों ने दम तोड़ दिया है। बल्केश्वर और बेलनगंज के बीच यमुना किनारे पर हजारों मछलियां मरी पड़ी हुई हैं। उनके गोकुल बैराज से छोड़े गए प्रदूषित पानी की वजह से मरकर आगरा तक बहकर आने की बात जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं।

आगरा में यमुना की दशा ठीक नहीं है। उसमें 92 नाले गिरते हैं, जिनमें से 61 नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं। पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा कराई गई जांच में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी कसौटी पर खरे नहीं पाए गए हैं। आउटलेट पर लिए गए सैंपल अधोमानक पाए गए हैं। गुरुवार को लोगों ने बल्केश्वर से बेलनगंज तक यमुना किनारे मरी हुई हजारों मछलियों को देखा तो वो चिंतित हो उठे। उन्हें यमुना के अत्यधिक प्रदूषित होने पर मछलियों के दम तोड़ने की आशंका नजर आई। हालांकि, जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों ने आगरा में यमुना के प्रदूषित होने से मछलियों के मरने की संभावना से इन्कार किया है। वो गोकुल बैराज से छोड़े गए प्रदूषित पानी की वजह से मछलियों के मरने और वहां से बहकर आगरा आने की बात कर रहे हैं। सैंपलिंग भी कराई गई है, जिससे कि स्थिति स्पष्ट हो सके। इधर आगरा शहर की पेयजल आपूर्ति भी यमुना नदी पर ही निर्भर है। 

गोकुल बैराज से यमुना में पानी छोड़ा गया है। बैराज से छोड़े गए पानी में सिल्ट और सीवरेज अधिक होने से यमुना में डिजाल्व ऑक्सीजन कम होने से मछलियां मरी होंगी। मरी मछलियां मथुरा से बहकर आगरा तक पहुंची हैं। आगरा में अगर यमुना प्रदूषित होतीं तो यहां मछलियां मरने की घटनाएं पूर्व में भी होतीं।

-भुवन प्रकाश यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

मछलियों की मौत नालाें की वजह से नहीं हुई है। यमुना में ऊपर से छोड़े गए पानी में केमिकल या वेस्ट इंफ्लूएंट की वजह से मछलियों की मौत हुई है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सैंपल लिए हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

-लोकेश शर्मा, परियोजना प्रबंधक यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई

यमुना नदी में मछलियों के मरने की जानकारी विभाग को नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो शुक्रवार को मौका मुआयना किया जाएगा।

-प्रशांत गंगवार, उपनिदेशक मत्स्य

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