Death by Fever: आगरा के बरहन में दो महिलाओं की मौत, संदिग्‍ध बुखार से जा चुकी हैं अब तक 10 की जान

बरहन क्षेत्र में संदिग्ध डेंगू से सोमवार को हुई दो महिलाओं की मौत। ग्रामीणों में दहशत। झोलाछाप दवाओं और जांच के नाम पर चल रही है खुली लूट। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पर लग रहे खानापूरी करने के आरोप। घर-घर लोग हो रहे हैं बीमार।

Prateek GuptaMon, 27 Sep 2021 03:03 PM (IST)
बरहन क्षेत्र में सोमवार को बुखार से महिला की मौत के बाद विलाप करते परिजन।

आगरा, मुकेश कुशवाहा। आगरा के पास बरहन क्षेत्र के अलग अलग गांव में सोमवार को संदिग्ध डेंगू और बुखार के चलते दो महिला की मौत हो गई। दोनों मौत से गांव में दहशत का माहौल है। वहीं झोलाछाप, इलाज के नाम जमकर वसूली कर रहे हैं।

बरहन के गांव बुर्ज अतिवल निवासी सोनम 28 वर्ष को आठ दिन पहले बुखार आया था, स्वजनों ने बरहन के झोलाछाप से इलाज कराया था। तबियत बिगड़ने पर सोनम को आगरा के निजी अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान सोमवार तड़के करीब चार बजे सोनम की मौत हो गई। मृतका की तीन बेटियां दीक्षा (आठ वर्ष), वंशिका (छह वर्ष) और काव्या (तीन वर्ष) हैं। मृतका सोनम का पति सत्यवीर गांव में मजदूरी का कार्य करता है। सत्यवीर आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। कच्चा घर टूट जाने के कारण वह गांव के एक व्यक्ति द्वारा दिए गए दूसरे कच्चे मकान में रहता है। वही उपचार में अत्यधिक पैसा खर्च होने के बाद सत्यवीर की बहन राधा की शादी भी बाधा उत्पन्न हो गई है।

नगला अडू में महिला की मौत

नगला अडू में 26 वर्षीय नेहा की मौत हो गई। नेहा को 10 दिन पूर्व बुखार आया था। पहले स्वजनों ने आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, हालत गंभीर होने पर शनिवार को उसे जयपुर स्थित सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह करीब 9:00 बजे मौत हो गई। मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। नेहा के दो बेटे आर्य (तीन साल) और वैभव (एक साल) हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति सत्‍यवान की हालत भी गंभीर है। सत्यभान को भी पिछले 15 दिनों से बुखार की शिकायत बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग करता है खानापूरी

पूर्व प्रधान खेड़ी देवेंद्र सिंह, गुड्डू त्यागी, मनोज कुमार, मनीष सिसोदिया, अविनाश पचौरी, चक्रपाल, विनय कुमार सहित अन्य का आरोप है कि नगला अडू और बुर्ज अतिबल में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तीन बार शिविर लगाया गया है लेकिन शिविर में केवल औपचारिकता पूर्ण कर और कागजी कार्यवाही ही की गई। मजबूरन ग्रामीणों को झोलाछापों से दवा लेकर इलाज कराना पड़ रहा है। तबीयत बिगड़ने पर झोलाछाप आगरा के अस्पतालों में रेफर कर देते हैं। जहां अब तक लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

बरहन पीएचसी पर डॉक्टर तैनाती की मांग

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहन पर जुड़े लगभग पांच दर्जन गांव के लोग इलाज कराते हैं। सोमवार को बरहन ग्राम प्रधान भूदेव प्रसाद, भाजपा नेता वीरेंद्र कुमार जैन, श्रीनिवास, पारस दिवाकर पहुंचे और पीएचसी पर तैनात डॉक्टर सुनील कुमार से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहन पर रात में भी डॉक्टर तैनाती की मांग की। जिससे के ग्रामीणों को समुचित इलाज मिल सके। वही डॉक्टर द्वारा उच्च अधिकारियों को स्थिति अवगत कराने की बात कही है।

नगला अडू में बीमारी को न्योता दें रहा तालाब

बरहन, नगला अडू, बुर्ज अतिवल में घर घर चारपाई बिछी हुई हैं। नगला अडू में दो जगह तालाब बने हुए हैं। तालाब में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग पिछले सात वर्ष से सफाई नहीं हुई है। तालाब ओवर फ्लो होने से गलियों में पानी भर जाता है और गंदगी होने से मच्छर पनप रहे हैं।

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