Misdeed Case in Agra: आगरा में सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी

Misdeed Case in Agra आगरा की यह घटना 10 जून 2017 की है। घर से सामान लेने निकली किशोरी गायब हो गई। मामले में सद्दाम और राजा के खिलाफ किशोरी को अगवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया था।

Tanu GuptaSat, 27 Nov 2021 04:35 PM (IST)
आगरा की घटना 10 जून 2017 की है।

आगरा, जागरण संवाददाता। किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के दो आरोपितों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। घटना 10 जून 2017 की है। घर से सामान लेने निकली किशोरी गायब हो गई। मामले में सद्दाम और राजा के खिलाफ किशोरी को अगवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस ने पीड़िता को दो दिन बाद बरामद कर लिया। मेडिकल कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए थे। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट व एससी/एसटी की धारा में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। अभियोजन की ओर से मामले में वादी उसकी पत्नी, पीड़िता व तत्कालीन सीओ समेत सात गवाहों को अदालत में पेश किया। वादी, उसकी पत्नी व किशोरी के अपने पूर्व बयानों से मुकरने पर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट परवेंद्र कुमार के साक्ष्य के अभाव में आरोपिताें को बरी कर दिया। वहीं, गवाही से मुकरने पर वादी के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के आदेश किए। 

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