Dengue D2: डेंगू में प्‍लेटलेट्स चढ़ाना भी हो सकता है घातक, ठीक होने के बाद आ रही ये दिक्‍कत

Dengue D2 बेवजह प्लेटलेट्स चढ़ाने से एलोइम्युनाइजेशन ठीक होने के बाद नहीं बढ़ रहे काउंट। डेंगू के मरीजों में निजी अस्पतालों में चढ़ाई जा रहीं कई प्लेटलेट्स। एसएन में भर्ती हो रहे मरीजों में सामने आई नई समस्या।

Prateek GuptaFri, 24 Sep 2021 09:22 AM (IST)
स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा सलाह दी जा रही है कि डेंगू में अनावश्‍यक प्‍लेटलेट्स न चढ़वाएं। प्रतीकात्‍मक फोटो

आगरा, जागरण संवाददाता। एसएन मेडिकल कालेज के डेंगू वार्ड में निजी अस्पताल से दो साल के बच्चे को रेफर किया गया, उसे आरडीपी चढ़ाई गई थी। डेंगू से ठीक होने के बाद प्लेटलेट्स की जांच कराई गई लेकिन काउंट नहीं बढ़ रहे हैं।

केस टू - 25 साल के बल्केश्वर निवासी मरीज का डेंगू का इलाज चला, इलाज के दौरान प्लेटलेट्स चढ़ाए गए। अब 10 दिन बाद भी प्लेटलेट्स काउंट 40 हजार से अधिक नहीं हुए हैं।

आगरा में इस समय डेंगू डी-2 स्‍ट्रेन के मरीजों के इलाज में प्लेटलेट्स हौव्वा बन गया है। ऐसे में प्लेटलेट्स काउंट 50 हजार से नीचे पहुंचते ही मरीजों में कई रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) और सिंगल डोनर एफरेसिस प्लेटलेट्स (एसडीपी, जंबो पैक) चढ़ाए जा रहे हैं। इससे एलोइम्युनाइजेशन की समस्या होने लगी है। डेंगू से ठीक होने के बाद भी प्लेटलेट्स का स्तर सामान्य (1 .50 से 4 लाख प्रति क्यूबिक मिलीलीटर) नहीं हो रहा है। डेंगू के मरीज में तीसरे से पांचवें दिन के बीच में प्लेटलेट्स काउंट 50 हजार से नीचे पहुंच जाते हैं। सातवें दिन के बाद प्लेटलेट्स काउंट स्वत: बढ़ने लगते हैं और 10 से 15 दिन में सामान्य हो जाते हैं। मगर, डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने और मरीजों की मौत होने के बाद 50 हजार से कम काउंट होने पर प्लेटलेट्स चढ़ाए जा रहे हैं।

सरोजनी नायडू मेडिकल कालेज के डेंगू के नोडल अधिकारी डा. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि ज्यादा प्लेटलेट्स चढ़ाने से एलोइम्युनाइजेशन हो रहा है। इसमें शरीर में प्लेटलेट्स के खिलाफ एंटीबाडीज बन जाती हैं और शरीर में स्वत प्लेटलेट्स बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसे सही होने में 20 से 30 दिन तक लग सकते हैं। इस तरह के केस बढ़ने लगे हैं।

सात से 10 दिन में शरीर में खत्म हो जाती हैं प्लेटलेट्स

एसएन के पैथोलाजी विभाग के डा. हरेंद्र कुमार ने बताया कि प्लेटलेट्स की हाफ लाइफ सात से 10 दिन होती है। हर रोज प्लेटलेट्स बनती हैं, सात से 10 दिन में यह खत्म हो जाती हैं। प्लेटलेट्स खून का थक्का जमाती हैं। इसलिए रक्तस्राव नहीं हो रहा है तो प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है।

प्लेटलेट्स कब चढ़ाए जाएं

20 हजार से प्लेटलेट्स काउंट कम हों और शरीर पर चकत्ते पड़ जाएं, मरीज ठीक है, खा पी रहा है तो 20 से 10 हजार तक भी प्लेटलेट्स न चढ़ाएं। नाक, मुंह, पेशाब के रास्ते ब्लीडिंग होने लगे।

हर रोज ब्लड बैंक में जारी किए जा रहे प्लेटलेट्स

आरडीपी -180 से 200

एसडीपी- 60 से 70

निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की डेंगू की रिपोर्ट और प्लेटलेट्स काउंट की जानकारी ली जा रही है। बेवजह प्लेटलेट्स न चढ़ाने के लिए कहा जा रहा है। डा. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ आगरा

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.