साइबर ठगी के शिकार लोगों की लौट सकती है रकम

साइबर ठगी के शिकार लोगों की लौट सकती है रकम

घटना के तत्काल बाद देनी होगी पुलिस को सूचना साइबर सेल ने कई पीड़ितों की रकम कराई वापस यूपीआइ के माध्यम से साइबर शातिरों ने निकाली थी खातों से रकम

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 05:35 AM (IST) Author: Jagran

आगरा,जागरण संवाददाता। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। यह स्लोगन अब साइबर अपराध के मामले में भी सटीक बैठता है। सावधानी हटते ही साइबर शातिर आपकी मेहनत की कमाई को आपके खाते से पार कर लेते हैं। आप अगर इनके जाल में फंसकर अपनी रकम गंवा बैठें तो लापरवाही न करें। ठगी के तत्काल बाद साइबर सेल में इसकी शिकायत करें। समय से सूचना मिलने पर पुलिस आपकी रकम वापस करा सकती है। पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें पीड़ितों की तत्परता से रकम उनके खातों में वापस आई।

सदर बाजार निवासी प्रीति के एसबीआइ के खाते से सात अक्टूबर को अज्ञात व्यक्ति ने 4300 रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई। प्रीति ने तत्काल इसकी शिकायत पुलिस के वाट्सएप नंबर पर कर दी। साइबर सेल की जांच में पता चला कि यह रकम यूपीआइ के माध्यम से निकाली गई है। साइबर सेल ने तत्काल बैंक को ईमेल कर सूचना दी और रकम खाते में होल्ड करा दी। इसके बाद वह रकम वापस करा दी गई। न्यू आगरा क्षेत्र की रुचि को मोबाइल पर काल कर शातिरों ने भ्रमित कर उनके खाते से 14 हजार रुपये पार कर लिए थे। ये रकम भी यूपीआइ के माध्यम से साइबर शातिरों ने निकाली थी। साइबर सेल ने बैंक से पत्राचार कर यह रकम भी वापस करा दी। ये दो मामले उदाहरण मात्र हैं। ऐसे कई मामले हैं जहां पीड़ितों की तत्परता से साइबर सेल के पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए उनकी रकम को वापस करवाया है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि पीड़ित अगर शिकायत समय रहते कर देते हैं तो उनके रुपये वापस आने की संभावना अधिक रहती है। सूचना या शिकायत देने में देरी करने पर रुपये वापस कराना मुश्किल हो जाता है।

ऐसे करते हैं ठगी

साइबर शातिरों के ठगी का तरीका बदलता रहता है। पूर्व में साइबर शातिर रिमोटली एक्सिस एप की मदद से, लाटरी के नाम पर और कार्ड क्लोन करके खातों से रकम निकालते थे। इस समय मोबाइल पर लिक भेजकर खातों से रकम पार करने का तरीका अपनाया जा रहा है। शातिर काल करके कोई स्कीम का लालच देकर या रुपये ट्रांसफर करने के बहाने लिक भेजते हैं। इस पर क्लिक करते ही खाते से यूपीआइ के माध्यम से रकम उनके खातों में ट्रांसफर हो जाती है।

एक वर्ष में आए 80 मामले

पुलिस सूत्रों के मुताबिक नवंबर माह तक इस वर्ष साइबर शातिरों द्वारा खातों से रकम निकालने के 80 मामले तक सामने आए हैं। बहुत से लोग छोटी धनराशि की ठगी पर पुलिस से शिकायत भी नहीं करते हैं। इस नंबर पर वाट्सएप कर भेज सकते हैं शिकायत

एसएसपी बबलू कुमार ने नवंबर 2019 में जन शिकायत, समस्या और सूचना के लिए वाट्सएप नंबर 9454458046 जारी किया था। इस पर कोई भी अपनी शिकायत वाट्सएप कर सकता है। इस पर की गई शिकायत की जांच की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई भी होगी।

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