Shri Krishna Janmbhoomi Case: श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामलेे में सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल होगी आपत्ति

श्रीकृष्‍ण जन्‍मस्‍थान और ईदगाह मस्जिद के विवाद में आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो रही है।

रविवार को दाखिल याचिका के जवाब की तैयारी। मथुरा जिला न्यायालय में सात वादों में चल रही सुनवाई। अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने याचिका में कहा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर शाही मस्जिद ईदगाह से समझौता किया है। इसलिए वह बाध्यकारी नहीं है।

Prateek GuptaTue, 20 Apr 2021 10:19 AM (IST)

आगरा, संजय रुस्तगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति दाखिल की जाएगी। मथुरा की अदालत में पहला वाद दायर करने वाले अधिवक्ता विष्णु जैन ने रविवार को ई-फाइलिंग के जरिये दाखिल याचिका का जवाब देने की तैयारी की है। उनका कहना है कि इस मामले को सीधे सुप्रीम कोर्ट ले जाना न्यायसंगत नहीं है।

श्रीकृष्ण जन्म सेवा संस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 12 अगस्त, 1968 को हुए समझौते को अवैध करार देने को दायर सात वाद पर मथुरा के जिला जज व सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई चल रही है। रविवार को अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने समझौते को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। हालांकि वह 1998 में भी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन वकील के सुनवाई पर पेश न होने के कारण याचिका खारिज हो गई थी। इस याचिका पर विष्णु जैन आपत्ति दाखिल करेंगे। जैन ने ही मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन अदालत में 25 सितंबर, 2020 को जन्मभूमि से जुड़ा पहला मामला दायर किया था। इसमें श्रीकृष्ण विराजमान व अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री सहित आठ वादी हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका

अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने याचिका में कहा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर शाही मस्जिद ईदगाह से समझौता किया है। इसलिए वह किसी पर भी बाध्यकारी नहीं है। याचिका में मांग की गई है कि इस समझौते की जांच एसआइटी से कराई जाए। श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के सदस्यों के खिलाफ आइपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा चलाया जाए। कोर्ट केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्टियों की सहमति से मथुरा स्थिति कटरा केशव देव कृष्ण जन्मभूमि, मस्जिद ईदगाह को अधिग्रहित कर उसके प्रबंधन और संरक्षण का भी निर्देश दे।

अधिवक्ता विष्णु जैन का तर्क

आर्टिकल 32 में स्पष्ट है कि जिन मामलों में राज्य सरकार का सीधा दखल हो, ऐसे मामले ही सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। जन्मस्थान का मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट व शाही मस्जिद ईदगाह के बीच है। लिहाजा इसकी सुनवाई पहले निचली अदालत में ही होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को इस पर आपत्ति दाखिल की जाएगी।

मथुरा की अदालतों में वाद

25 सितंबर, 2020: श्रीकृष्ण विराजमान व रंजना अग्निहोत्री समेत आठ वादियों की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया। वहां से वाद खारिज होने पर 12 अक्टूबर को जिला जज की अदालत में अपील की गई।

-15 दिसंबर: हिंदू आर्मी के चीफ मनीष यादव ने सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में वाद दायर किया।

-23 दिसंबर: अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया।

-02 फरवरी, 2021: ठाकुर केशवदेव मंदिर मल्लपुरा के सेवायत पवन शास्त्री ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया।

-19 फरवरी: अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया।

-26 फरवरी: अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया।

-31 मार्च को अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया। 

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