साल्वर गैंग का सरगना अब तक 30 से ज्यादा लोगों की लगवा चुका है नौकरी, आगरा पुलिस कर रही पूछताछ

Solver Gang टूंडला के जाजपुर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक है सरगना वीनू। गिरफ्तार सरगना और परीक्षार्थी भुवनेश्वर को पुलिस ने भेजा जेल। टूंडला से छात्र बनकर आया सॉल्‍वर भी हुआ गिरफ्तार। पुलिस पूछताछ में उगलवा रही है राज।

Prateek GuptaWed, 20 Oct 2021 01:42 PM (IST)
सॉल्‍वर गैंग अब तक आगरा के 30 लोगों की नौकरी लगवा चुका है।

आगरा, जागरण संवाददाता। सुपर टेट परीक्षा में साल्वर भेजने वाले आरोपित सरगना वीनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह टूंडला के जाजपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक है। पुलिस का कहना है कि वीनू ने ही सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल के सहायक अध्यापक की भर्ती परीक्षा में साल्वर को भेजा था। पुलिस का दावा है कि सरगना ने पूछताछ में 30 से ज्यादा लोगों की नौकरी साल्वर की मदद से लगवाने की बात कबूल किया है। आरोपित वीनू और परीक्षार्थी भुवनेश्वर को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया।

इंस्पेक्टर लोहामंडी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 17 अक्टूबर को आवास विकास कालोनी सेक्टर सात स्थित शिवालिक कैंब्रिज स्कूल में आयोजित सुपर टेट परीक्षा से एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने साल्वर भूपेश निवासी खंदौली को गिरफ्तार किया था। वह भुवनेश्वर निवासी गांव लुहारी थाना मटसेना फिरोजाबाद की जगह परीक्षा देने आया था। भूपेश ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसे वीनू ने साल्वर के रूप में भेजा था। सरगना गांव फतेहपुर थाना बसई मोहम्मदपुर फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसने भूपेश को चार लाख रुपये में साल्वर बनने के लिए तैयार किया था। भुवनेश्वर ने वीनू को एक लाख रुपये पेशगी में दे दिए थे। वीनू को पुलिस ने मंगलवार को राजामंडी रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया।

इंस्पेक्टर के अनुसार वीनू ने पूछताछ में बताया कि वह करीब छह साल से विभिन्न विभागों की परीक्षा में साल्वर बैठा रहा है। शिक्षक बनने से पहले वह ट्यूशन व कोचिंग में पढ़ाता था। इस दौरान वह परीक्षार्थियों के संपर्क में आया। कोचिंग करने वाले छात्र भी उसके संपर्क में रहते हैं। जिन्हें रुपये का लालच देकर वह साल्वर बनने के लिए तैयार कर लेता था। वह फिरोजाबाद में आरटीओ कार्यालय के बाहर एक दुकान पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था। प्रवेश पत्र व आधार कार्ड पर अभ्यर्थी के फोटो की जगह साल्वर की फोटो लगा देता था। पुलिस की पूछताछ में वीनू ने 30 से ज्यादा लोगों को साल्वर की मदद से नौकरी दिलाने की जानकारी दी।

सरगना खुद भी साल्वर की मदद से बना था शिक्षक

इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अनुसार सरगना वीनू ने बताया कि वह खुद भी साल्वर की मदद से सहायक अध्यापक बना था। वर्ष 2019 में उसने अपनी जगह साल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलाई थी। जिसमें उत्तीर्ण होने पर वर्ष 2020 में उसकी नौकरी लग गई।पुलिस के सामने वह हिंदी तक ठीक से नहीं लिख सका। पुलिस अब सरगना के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है।

साल्वर की मदद से नौकरी हासिल करने वालों की सूची तैयार कर रही पुलिस

सरगना वीनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने पुलिस, न्याय प्रशासन व शिक्षा विभाग में साल्वर की मदद से लोगाें को भर्ती कराया है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के अनुसार साल्वर की मदद से जिन लोगों को भर्ती कराया था। उनके बारे में जानकारी की जा रही है। जिससे कि संबंधित विभागों में शिकायत करके उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके।

पुलिस भर्ती में आया था वीनू का नाम

छत्ता थाना पुलिस भर्ती परीक्षा में वर्ष 2015 में एक साल्वर को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में वीनू उर्फ महिपाल का नाम सामने अाया था। मगर, पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी। जिसके चलते वह बच निकला था। वीनू के माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसके परिवार में पत्नी व बच्चों के अलावा एक भाई और दो बहन हैं।

साल्वर बनकर आया था बीएड छात्र, दबोचा

सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में दो लाख रुपये में साल्वर बनकर आए बीएड छात्र को पुलिस ने मंगलवार को एत्माद्दाैला के शाहदरा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। वह लोहामंडी के रत्नमुनि जैन इंटर कालेज में 16 अक्टूबर को परीक्षा देने आया था। मगर, चेकिंग होने के चलते सफल न होने पर बिना परीक्षा दिए वहां से चला गया था।

सीओ छत्ता दीक्षा सिंह ने बताया आरोपित साल्वर मनोज कुमार सिंह निवासी गांव सिलावली फतेहाबाद है।वह बीएड का छात्र है। उसे टूंडला के रहने वाले गाैरव उपाध्याय की जगह परीक्षा देनी थी। पुलिस के पूछताछ करने पर मनोज ने बताया कि उसे खंदौली निवासी नरेंद्र कुमार उर्फ नंदूराम ने गौरव की जगह पर परीक्षा देने भेजा था। जिसके बदले में उसे दो लाख रुपये देने का वादा किया था। मगर, परीक्षा केंद्र पर दस्तावेजों की बारीकी से चेकिंग होती देख वह चला गया था।

सीओ ने बताया कि पुलिस को साल्वर मनोज के बारे में जानकारी मिली थी। मगर, वह केंद्र पर पकड़ में नहीं आया था। गिरफ्तार आरोपित से 49 हजार रुपये, दो आधार कार्ड, प्रवेश-पत्र, मोबाइल व मुहर बरामद किया है। पुलिस को आरोपित के मोबाइल से साक्ष्य मिले हैं। दलाल नंदूराम से उसने दो लाख रुपये में सौदा किया था। जिसके लिए उसे 50 हजार रुपये नकद व 25 हजार रुपये ई-वालेट में ट्रांसफर किए गए थे। सीओ ने बताया तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित नंदूराम और गौरव की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

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