Lord Shiva: शुरू होने जा रहा पवित्र सावन मास, भगवान शिव को ऐसे कर सकते हैं प्रसन्‍न

25 जुलाई से 22 अगस्त तक चलेगा पावन सावन मास। भगवान महादेव को सर्वाधिक प्रिय है यह माह होती है विशेष पूजा। रुद्राभिषेक कराया जाता है। यह भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माह माना जाता है। श्रावण के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु उपवास रखते हैं।

Prateek GuptaFri, 23 Jul 2021 09:01 AM (IST)
भगवान शिव की आराधना के लिए सावन मास शुरू होने जा रहा है।

आगरा, जागरण संवाददाता। देवाधिदेव महादेव को श्रावण (सावन) का महीना सर्वाधिक प्रिय है। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास का आंरभ आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के समापन के साथ होता है। इस वर्ष श्रावण मास का आरंभ रविवार 25 जुलाई से हो रहा है, जो 22 अगस्त तक चलेगा।

ज्योतिषाचार्य पं. चंद्रेश कौशिक ने बताया कि श्रावण मास इस वर्ष मात्र 29 दिनों का ही होगा। शुक्ल पक्ष में कुल 14 दिन होंगे। सावन की पूर्णिमा का व्रत शनिवार 21 अगस्त को होगा। जबकि 22 अगस्त को रक्षाबंधन और ब्राह्मणों का वार्षिक पर्व श्रावणी मनाया जाएगा।

चार होंगे सोमवार

सूर्य 16 जुलाई सायंकाल को कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। श्रावण मास, कर्क संक्रांति की महत्ता शिवपुराण की विद्येश्वर संहिता में उल्लेखित है कि श्रावण मास में कर्क राशि में सूर्य के होने पर भगवान शिव के साथ अंबिका का पूजन करना चाहिए। इस बार श्रावण माह में दो बार श्रवण नक्षत्र और चार सोमवार पड़ेंगे। चारों सोमवार में यदि प्रत्यक्ष विधानानुसार पूजा करें, तो रोगों और पारिवारिक क्लेश का नाश होगा। बता दें कि इस बार 26 जुलाई, दो अगस्त, नौ अगस्त और 16 अगस्त को श्रावण मास के सोमवार होंगे।

महादेव को अभिषेक है प्रिय

भगवान शिव शंभू को अत्यधिक प्रिय श्रावण (सावन) मास में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यतानुसार, सावन माह में भगवान शिव का अभिषेक फलदायी होता है, इसलिए सावन में रुद्राभिषेक कराया जाता है। यह भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माह माना जाता है। श्रावण के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु उपवास रखते हैं। समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन व भगवान शिव के आशीर्वाद के लिए पूजा करते हैं। मान्यता है कि अविवाहित स्त्री द्वारा इस शुभ माह में उपवास रखने से उसे वांछनीय व उपयुक्त जीवन साथी की प्राप्ति होती है।

ऐसे करें पूजन

सुबह जल्दी उठकर स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। सभी देवी- देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, पुष्प व बेलपत्र अर्पित करें। भगवान शिव की आरती कर भोग लगाएं। भोग सिर्फ सात्विक चीजों का ही लगाएं। भगवान शिव का ध्यान करें।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.