Ram Mandir Ayodhya: उधर गिरा विवादित ढांचा, इधर ताजनगरी में बना राम मंदिर

Ram Mandir Ayodhya छह दिसंबर 1992 को बना था श्रीराम चौक पर राम मंदिर। स्वतस्फूर्त लोगों ने निर्माणाधीन पुलिस बूथ पर किया था कब्जा।

By Prateek GuptaEdited By: Publish:Wed, 05 Aug 2020 10:01 AM (IST) Updated:Wed, 05 Aug 2020 10:01 AM (IST)
Ram Mandir Ayodhya: उधर गिरा विवादित ढांचा, इधर ताजनगरी में बना राम मंदिर
Ram Mandir Ayodhya: उधर गिरा विवादित ढांचा, इधर ताजनगरी में बना राम मंदिर

आगरा, जागरण संवाददाता। राम मंदिर आंदोलन से कमला नगर के श्रीराम चौक स्थित राम मंदिर का इतिहास भी जुड़ा हुआ है। छह दिसंबर, 1992 को जब अयोध्या में विवादित ढांचे का ध्वंस हुआ था, उसी दिन इस मंदिर की स्थापना हुई थी। निर्माणाधीन पुलिस बूथ पर कब्जा कर भगवान श्रीराम की तस्वीर लगाकर पूजा शुरू कर दी गई थी। चंदा कर भगवान राम की प्रतिमा लगाकर उसी दिन मंदिर निर्माण शुरू कर दिया गया था।

कमला नगर के श्रीराम चौक पर राम मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना छह दिसंबर, 1992 को हुई थी। अयोध्या में विवादित ढांचे के ध्वंस की जानकारी मिलते ही शहर में स्वत:स्फूर्त लोग घरों से निकल आए थे। श्रीराम के जयकारे लगाते हुए कमला नगर मेन मार्केट के तिराहा पर भीड़ पहुंच पहुंच गई थी। यहां उस समय पुलिस बूथ निर्माणाधीन था। सभी तरफ से लोग वहां पहुंच रहे थे। भीड़ ने निर्माणाधीन पुलिस बूथ पर कब्जा कर वहां श्रीराम की तस्वीर लगाकर आरती शुरू कर दी। उसी दिन चंदा एकत्र कर भगवान श्रीराम की मूर्ति मंगवाकर वहां स्थापित कर दी गई। बाजार कमेटी के व्यापारियों के सहयोग से रातोंरात मंदिर बनाना शुरू कर दिया गया।इस मंदिर में राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियां हैं। मंदिर बनने के बाद से यह जगह श्रीराम चौक के नाम से जाने जाने लगी। इसमें स्व. विधायक सत्यप्रकाश विकल, सुनील विकल, अनिल अग्रवाल, विपिन चौधरी, मनोज शर्मा, नंदी महाजन, प्रवीन जैन, अमित आर्य, विपिन चौधरी समेत कई लोगों ने सक्रियता दिखाई थी।

हमारा घर चौक से थोड़ी दूरी पर ही था। पिताजी विधायक स्व. सत्यप्रकाश विकल के साथ मैं भी चौक पर गया था। उसी दिन चंदा एकत्र कर रातोंरात भगवान राम की मूर्ति मंगवाकर लगाई गई और मंदिर बनाया गया

-सुनील विकल, अध्यक्ष क्षेत्र बजाजा कमेटी

उस दिन लोग स्वत:स्फूर्त थे। मुख्य बाजार का तिराहा होने के चलते सभी तरफ से पहुंचे लोग यहां एकत्र हुए। भीड़ को देखते हुए पुलिस फाेर्स वहां से लौट गया। उसी दिन चंदा एकत्र कर पुलिस बूथ की जगह मंदिर बना दिया गया।

-मनोज शर्मा, एफ ब्लाॅक कमला नगर

मैं बल्केेश्वर से लोगों को साथ लेकर श्रीराम चौक तक गया था। लोग स्वत:स्फूर्त थे और उनमें गजब का उत्साह था। पुलिस बूथ की जगह पर भगवान श्रीराम की तस्वीर लगाकर पूजन किया गया था। यहीं पर मंदिर बनाया गया।

-नंदी महाजन, बल्केश्वर

हम लोग सुमित राहुल मेमोरियल स्कूल से श्रीराम चौक तक जयकारे लगाते हुए गए थे। तब वहां पुलिस बूथ था। हम लोगों के तस्वीर लगाकर पूजा शुरू करते ही फोर्स और पीएसी आ गई थी। मुझे गिरफ्तार कर लिया गया था।

-संजय अग्रवाल, निवासी कमला नगर

हम सभी स्व. पार्षद बीना कपूर के नेतृत्व में एकत्र हुए थे। मैंने डॉ. सुनील अग्रवाल के यहां से तस्वीर लाने के साथ मोहल्ले के लोगों को एकत्र किया था। हम लोग जयकारे लगाते हुए चौक पर पहुंचे और बूथ कब्जा कर वहीं पूजा शुरू कर दी।

-संदीप अरोड़ा, निवासी कमला नगर

श्रीराम चौक पर पूजन के लिए हमारे घर से भगवान श्रीराम की तस्वीर गई थी। मेरी बहनें रश्मि अग्रवाल आैर बीना अग्रवाल तस्वीर लेकर चौक पर गई थीं। वहीं, चौक पर तस्वीर रखकर उन्होंने पूजा शुरू कर दी थी।

-डॉ. सुनील अग्रवाल, कमला नगर

मैं वर्ष 1992 से ही राम मंदिर में पूजा करा रहा हूं। 27 वर्ष से अधिक समय इसे हो चुका है। मंदिर की बहुत बड़ी मान्यता है और यहां केवल कमला नगर ही नहीं दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

-प्रमोद सारस्वत, पुजारी राम मंदिर 

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