Tajmahal: ताजमहल को विदेशी पर्यटकों का इंतजार, पर्यटन को उम्मीदों का आसरा

आगरा का पर्यटन कारोबार विदेशी पर्यटकों पर अधिक निर्भर करता है। एयर बबल में चल रही फ्लाइट में किराया दो से तीन गुना है। एंबेसी में वीजा के लिए दी जा रही है अधिक दिनों की डेट। 30 नवंबर के बाद शुरू होनी हैं अंतरराष्‍ट्रीय विमान सेवाएं।

Prateek GuptaFri, 26 Nov 2021 10:02 AM (IST)
ताजनगरी को विदेशी टूरिस्‍ट का इंतजार है। तभी यहां का पर्यटन उद्योग रफ्तार पकड़ पाएगा।

आगरा, जागरण संवाददाता। कोराेना वायरस के संक्रमण का ग्रहण छंटता नजर आ रहा है, मगर पर्यटन कारोबार अगर-मगर की स्थिति में फंसा हुआ है। ताजनगरी को विदेशी पर्यटकों का इंतजार है। टूरिस्ट वीजा सर्विस की शुरुआत तो हो गई है, लेकिन एंबेसी में वीजा के लिए अधिक दिनों की डेट दिए जाने से पर्यटकों के साथ ही कारोबारी भी असमंजस में फंसे हैं। एयर बबल में चल रही फ्लाइट में किराया दो से तीन गुना होने की वजह से पर्यटक यात्रा करने से बच रहे हैं। पर्यटन कारोबार को केवल उम्मीदों का आसरा है।

आगरा का पर्यटन कारोबार विदेशी पर्यटकों पर अधिक निर्भर करता है। केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला आने पर लाक डाउन लगाने के साथ ही इंटरनेशनल फ्लाइट व टूरिस्ट वीजा सर्विस पर मार्च के मध्य में रोक लगा दी थी। इस वर्ष 15 अक्टूबर से चार्टर्ड फ्लाइट और 15 नवंबर से इंंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले पर्यटकों को टूरिस्ट वीजा देना शुरू कर दिया गया है। वीजा सर्विस की शुरुआत तो हो गई, लेकिन 30 नवंबर तक सरकार ने इंटरनेशनल फ्लाइट को स्थगित कर रखा है। केवल एयर बबल में शामिल फ्लाइट ही चल रही हैं। इनका किराया दो से तीन गुना होने की वजह से राजनयिक, व्यापारी और छात्र और एनआरआइ ही आ रहे हैं। पर्यटकों ने किराया अधिक होने से इन फ्लाइटों से दूरी बना रखी है, क्योंकि इससे उनका बजट बिगड़ सकता है। इसका असर आगरा में इनबाउंड टूरिज्म (विदेशी पर्यटन) से जुड़े लोगों पर पड़ा है।

यह हैं प्रभावित

-अधिकांश गाइड मार्च, 2020 से खाली बैठे हैं।

-एंपोरियम में 20 फीसद भी बिक्री नहीं हो रही है।

-बड़े होटल शादियों के सहारे चल रहे हैं।

-ट्रैवल ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले खाली हैं।

-किराये के भवन में चलने वाले कई रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।

ब्रिटिश पर्यटक ने दिसंबर के अंत में आगरा आने को फ्लाइट की बुकिंग कराई थी। एंबेसी ने उसे वीजा के लिए जनवरी की तिथि दी है। इससे उसका यहां आना मुश्किल है। अलग-अलग नियमों और कागजी कार्रवाई की औपचारिकताएं भी हैं। इससे पर्यटकों के साथ इनबाउंड टूरिज्म का काम करने वाले कारोबारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

-सुनील गुप्ता, चेयरमैन नोर्दर्न रीजन आफ इंडियन एसोसिएशन आफ टूर आपरेटर्स

डेढ़ वर्ष से अधिक समय से इनबाउंड टूरिज्म का काम पूरी तरह ठप है। इससे गाइड पूरी तरह खाली बैठे हैं, उनके पास कोई काम नहीं है।वो लोन की किस्तें तक नहीं चुका पा रहे हैं। आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। फ्लाइट की शुरुआत होनी चाहिए, जिससे विदेशी पर्यटक यहां आ सकें। विदेशी पर्यटकों का आना शुरू होने पर ही गाइडों को काम मिल सकेगा।

-शमसुद्दीन, अध्यक्ष एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन

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