विशेष सचिव ने किया विवि में विभागों का निरीक्षण

लंबित डिग्री और अंकतालिकाओं की ली जानकारी संबद्धता और परीक्षा विभाग में सालों से टिके कर्मचारियों की ली सूची

JagranTue, 27 Jul 2021 11:59 PM (IST)
विशेष सचिव ने किया विवि में विभागों का निरीक्षण

आगरा, जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (विवि) में मंगलवार को भी शासन के विशेष सचिव ने कई बिदुओं पर जांच की और गलतियों को सुधारने के लिए निर्देश दिए। विभागों का निरीक्षण किया।

विगत सोमवार को विधानसभा आश्वासन समिति की टीम ने विश्वविद्यालय में जांच शुरू की थी। समिति ने वर्ष 2013 से 2016 तक कितनी अंकतालिकाएं और डिग्रियों का वितरण हुआ, कितनी लंबित हैं की जानकारी मांगी थी और सुझाव भी दिए थे। समिति ने 94 ऐसे कर्मचारियों की जानकारी विश्वविद्यालय को दी थी, जो पिछले 20-20 सालों से एक ही पटल पर टिके हुए हैं। मंगलवार को विशेष सचिव मनोज कुमार ने चार्ट रूम, डिग्री, संबद्धता और परीक्षा विभाग का निरीक्षण किया। लंबित अंकतालिकाओं, डिग्रियों और ऐसे कर्मचारियों की जानकारी ली, जो लंबे समय से इन विभागों में टिके हुए हैं। संबद्धता और परीक्षा विभाग में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका कई बार विभागीय स्थानांतरण हुआ है लेकिन उन्होंने पटल नहीं छोड़ा। विभागों के निरीक्षण में विशेष सचिव को जानकारी मिली कि 300 कालेजों के अंकतालिकाओं के लिफाफे बंद पड़े हैं। महाविद्यालय उन्हें लेने ही नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में विशेष सचिव ने निर्देश जारी किए। उन्हें बताया गया कि कई कालेज ऐसे हैं, जिनके पास अभी तक परीक्षा सामग्री ही नहीं पहुंची है। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। विशेष सचिव ने मृतकाश्रितों की स्थिति की जानकारी ली कि कितने मृतकाश्रितों को नौकरी दी गई और कितने आवेदन फाइलों में दबे हुए हैं। फीरोजाबाद के विधायक जो इस समिति की टीम के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बताया कि फीरोजाबाद के 500 से ज्यादा छात्र ऐसे हैं, जिनकी अंकतालिकाएं वेरीफाई नहीं की गई हैं। वे छह-छह महीने से चक्कर काट रहे हैं। इस संबंध में भी विश्वविद्यालय से जानकारी मांगी गई है। यहां की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.