एसएन का कोविड हास्पिटल फुल, आक्सीजन की बढ़ी मांग

एसएन का कोविड हास्पिटल फुल, आक्सीजन की बढ़ी मांग

आइसीयू के बाद वार्ड के बेड भी भरे नया कोविड वार्ड तैयार करने में जुटा प्रशासन तीन दिन में 351 नए केस आनलाइन रिपोर्ट आने के बाद टीम का इंतजार कर रहे मरीज

JagranTue, 13 Apr 2021 05:05 AM (IST)

आगरा,जागरण संवाददाता। कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इससे सोमवार रात को एसएन मेडिकल कालेज का कोविड हास्पिटल फुल हो गया। कोरोना संक्रमित मरीजों को जिला अस्पताल के कोविड हास्पिटल में भर्ती करना पडा। वहीं, निजी कोविड हास्पिटल में भी गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए आइसीयू में बेड नहीं है। इसके साथ ही आक्सीजन की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है।

पिछले तीन दिनों में कोरोना के 351 नए केस आए हैं। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। इससे रविवार रात को एसएन के कोविड हास्पिटल का 65 बेड का आइसीयू फुल हो गया था, वार्ड के बेड भी फुल हो गए हैं। निजी कोविड हास्पिटलों में कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। यहां भी आइसीयू के बेड फूल हो गए हैं। सामान्य दिनों में तीन से चार टन आक्सीजन की मांग थी, यह बढ़कर 15 टन तक पहुंच गई है। एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय काला ने बताया कि 100 बेड का कोविड वार्ड तैयार हो गया है। मंगलवार से मरीज भर्ती किए जाएंगे। कोविड हास्पिटल में सोमवार शाम तक भर्ती आगरा के मरीज 106

होम आइसोलेशन में मरीज 647

कोविड हास्पिटलों में बेड

एसएन मेडिकल कालेज एल थ्री -बेड 120

जिला अस्पताल एल टू -बेड 18 निजी अस्पताल

प्रभा ट्रामा सेंटर एल थ्री -बेड 60

रवि हास्पिटल बेड एल टू - 60

राम रघु हास्पिटल बेड एल थ्री- 100 स्टेशन पर सुबह तक करना पड़ा इंतजार

आगरा, जागरण संवाददाता। नाइट क‌र्फ्यू लगने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन से यात्रा करने वालों को हुई। जो यात्री नौ बजे के बाद स्टेशन पर आए, उन्हें घर पहुंचने में परेशानी हुई। आधी रात के बाद आने वाले यात्रियों को सुबह छह बजे तक स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ा।

सोमवार रात नौ बजे से नाइट क‌र्फ्यू लागू हो गया। सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। ऐसे में जिन यात्रियों की ट्रेन नौ बजे के बाद थी, वो एहतियात के तौर पर पहले ही स्टेशन पहुंच गए। नौ बजे के बाद अपने स्वजनों को स्टेशन छोड़कर लौटने वाले लोगों को रास्ते में परेशानी हुई। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई जिनकी ट्रेन 10 बजे या उसके बाद स्टेशन पर आई। यात्री स्टेशन से बाहर आए, लेकिन उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। जिनके घर पास थे, उन्होंने अपने घर से स्वजनों को बुला लिया। कुछ यात्री पैदल ही घर के लिए निकल गए। जिन यात्रियों के घर दूर थे, उन्हें सुबह छह बजे तक स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ा।

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