मामलों का एक पक्षीय निस्तारण कर निकाली रिकवरी, आगरा में हो रहा व्यापारियों का उत्पीड़न

फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल पदाधिकारी पहुंचे वाणिज्य कर कार्यालय। एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन को ज्ञापन सौंपकर समस्या निस्तारण की उठाई मांग। व्‍यापारियों का कहना है कि कोरोना काल में कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा है। लिहाजा राहत दी जानी चाहिए।

Prateek GuptaThu, 23 Sep 2021 05:55 PM (IST)
आगरा में व्‍यापारी वाणिज्‍य कर अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए।

आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना काल में वाणिज्य कर विभाग ने उद्यमियों और व्यापारियों के विभिन्न केस एकपक्षीय आधार पर निर्धारित कर दिए गए हैं। इसको लेकर फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल (फेम) ने असहमति जताई है। संगठन की जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन अजय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को उठाया।

फेम प्रदेश महासचिव भूपेंद्र सिंह सोबती ने बताया कि विभिन्न केस एकपक्षीय आधार पर निर्धारित कर व्यापारियों पर रिकवरी निकाल दी गई है। उसकी वसूली के लिए राजस्व विभाग के अमीन व्यापारियों का उत्पीडऩ कर रहे हैं। कोरोना काल में व्यापार अति प्रभावित रहा और व्यापारियों की रीढ़ टूट चुकी है। इसलिए संगठन ने इन केसों को रिवर्ट बैक कर उन्हें गुण-दोष के आधार पर निस्तारित करने की मांग की। एडीशनल कमिश्नर अजय कुमार सिंह ने मांग को स्वीकार कर एक प्रार्थना पत्र के आधार पर व्यापारियों के केस रिवर्ट बैक करने की घोषणा की। साथ ही विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआइबी) द्वारा की जा रही कार्रवाई पर अंकुश लगाने की भी मांग की गई। फैम जिलाध्यक्ष हरेश अग्रवाल ने अधिकारियों को व्यापारियों के बीच बुलाकर नियमों व योजनाओं के प्रति जागरूक करने को आमंत्रित किया। एडिशनल कमिश्नर-टू अपील एसआइबी कैलाश नारायण, डिप्टी कमिश्नर विशाल पुंडीर, ज्वाइंट कमिश्नर रवि शेखर सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर एसआइबी केएन पाल, फेम महामंत्री बृजेश पंडित, डीसी शर्मा, रविंद्र अग्रवाल, राजेश खुराना, मंगल सिंह धाकड़, विजय गोयल, मनोज खंडेलवाल, रवि चौधरी, धर्मवीर कौशिक, दीप बघेल आदि मौजूद रहे।

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