Ram Mandir Movement: गंगा-यमुना एक्सप्रेस थी कारसेवकों की पहली पसंद, जरा याद कर लें उस दौर की बातें

Ram Mandir Movement: गंगा-यमुना एक्सप्रेस थी कारसेवकों की पहली पसंद, जरा याद कर लें उस दौर की बातें

Ram Mandir Movement ट्रेन के सिटी स्टेशन से संचालित होने की वजह से कारसेवक पकड़े जाने से बचने को इसमें सफर करना सुरक्षित समझते थे।

Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 01:58 PM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, जागरण संवाददाता। राम मंदिर आंदोलन के समय अयोध्या जाने को कारसेवकों की पहली पसंद गंगा-यमुना एक्सप्रेस हुआ करती थी। ट्रेन के सिटी स्टेशन से संचालित होने की वजह से कारसेवक पकड़े जाने से बचने को इसमें सफर करना सुरक्षित समझते थे।

राम मंदिर आंदोलन के दौरान आगरा से बड़ी संख्या में कारसेवक अयोध्या गए थे। 1989 में मुलायम सिंह यादव की सरकार के समय में कारसेवकों को अयोध्या पहुंचने से रोकने और उनकी गिरफ्तारी को पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहता था। राजा की मंडी, आगरा फोर्ट और आगरा कैंट स्टेशन पर पुलिस का सख्त पहरा रहता था। इसलिए कारसेवक अयोध्या कूच को सिटी स्टेशन का रुख किया करता था। इस स्टेशन पर पुलिस का ध्यान नहीं रहता था। यहां से रात 12 बजे गंगा-यमुना एक्सप्रेस लखनऊ जाती थी। कारसेवक पुलिस को चकमा देकर अयोध्या पहुंचने को इस ट्रेन से सफर करते थे। इस स्टेशन व ट्रेन में चेकिंग नहीं होती थी और वो सुरक्षित अयोध्या पहुंचने में सफल रहते थे।

पथवारी पर दादी-पोती ने दी थी गिरफ्तारी

पथवारी, बेलनगंज पर राम मंदिर आंदोलन के दरम्यान महिला दल ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी थी। पुलिस उन्हेंं गिरफ्तार कर एमडी जैन इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल लेकर आई थी। गिरफ्तारी देने वाली महिलाओं में आरएसएस के महानगर सहसंघचालक देवेंद्र कुमार आर्य की पत्नी कृष्णा कुमारी आर्या और पौत्री वैशाली भी थीं। वैशाली सबसे कम उम्र की थीं। उस समय उनकी उम्र छह से सात वर्ष थी। 

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