डीएम के आने पर मैनपुरी में टूटा धरना, दो शिक्षक हटाए तो खत्‍म हुआ गतिरोध

नाहिली के कंपोजिट विद्यालय में बीते सप्ताह से शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा था। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपा लगाए जा रहे थे। एक शिक्षिका का संबद्धीकरण समाप्त भेजा गया मूल विद्यालय। बीईओ कराएंगे एमडीएम का वितरण हर बिंदु पर होगी जांच।

Prateek GuptaTue, 07 Dec 2021 11:02 AM (IST)
नाहिली स्थित कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक और अभिभावकों से वार्ता करते डीएम अविनाश कृष्ण सिंह, एसपी अशोक कुमार राय आदि।

आगरा, जागरण टीम। घिरोर ब्लाक के गांव नाहिली के कंपोजिट विद्यालय में मांगों के लेकर धरने पर बैठे शिक्षक और विद्यार्थियों को धरना आखिरकार समाप्त हो गया। मंगलवार बीती देर रात डीएम और एसपी के मौके पर आने के बाद वाता का दौर वला तो गतिरोध समाप्त हो गया। शिक्षक और विद्यार्थियों की मांगाें के आगे झुके प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी। देर रात को ही प्रधानाध्यापक और एक अन्य शिक्षक को विद्यालय से हटा दिया, जबकि एक का संबद्धीकरण समाप्त कर दिया गया। समूचे प्रकरण की जांच बीईओ को दी गई है।

नाहिली के कंपोजिट विद्यालय में बीते सप्ताह से शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा था। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपा लगाए जा रहे थे। सोमवार दोपहर दो बजे इसी विवाद को समाप्त करने के लिए बीएसए कमल सिंह विद्यालय पहुंचे तो विद्यार्थी हित में मांगों को लेकर मुखर शिक्षक राजेश यादव से विवाद हो गया। इस दौरान दर्जनों ग्रामीण की मौजूदगी में वार्ता के दौरान मामला गर्माया तो बीएस मौके से चल दिए। शिक्षक राजेश ने उनको पूरी बात सुनने के लिए पकड़कर बैठा लिया। बालिकाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल खराब होते देख बीएसए चल दिए। गेट के पास शिक्षक ने उनको पकड़ लिया। गिरेबान खींचने और धक्का-मुक्की होने से उनका चश्मा टूट गया और कपड़ों के बटन उखड़ गए।

शिक्षक समेत धरने पर बैठे विद्यार्थी

बीएसए के जाने के बाद शिक्षक और पांच दर्जन से अधिक जूनियर के विद्यार्थी धरने पर बैठ गए। चैनल का ताला लगाकर धरने पर बैठने की जानकारी के बाद तहसीलदार अरूण कुमार और एसओ पहलवान सिंह आए, लेकिन वार्ता का परिणाम नहीं निकल सका। इसके बाद एसडीएम मान सिंह पुढ़ीर और सीओ पुलिस के मौके पर आए। शिक्षक और विद्यार्थियों से वार्ता की गई, लेकिन मांगों पर जवाब नहीं मिला तो बात नहीं बन सकी।

डीएम और एसपी आए, वार्ता हुई सफल

शिक्षक और विद्यार्थियों के धरने पर बैठने की जानकारी के बाद सोमवार रात पौने बारह बजे डीएम अविनाश कृष्ण सिंह, एसपी अशोक कुमार राय, एडीएम रामजी मिश्र, एसडीएम, बीएसए कमल सिंह आदि अधिकारी आए। शिक्षक और विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना गया। रात करीब डेढ़ बजे चली वार्ता के बाद डीएम ने दो शिक्षकों को हटाने और एक का संबद्धीकरण समाप्त करने की बात कही तो सभी मान गए। इसके बाद धरना समाप्त हो गया।

इन पर हुई कार्रवाई

वार्ता के दौरान मांगों पर अधिकारियों ने गभीरता से चिंतन किया। विवाद को पटापेक्ष करने को रात को कार्रवाई कराई गई। इस कार्रवाई के क्रम में कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापक रूबीना इजहार को घिरोर कस्बा के पूर्व माध्यमिक स्कूल और शिखक महेंद्र प्रताप सिंह को नगला बाज भेजा गया, जबकि संबद्धीकरण चल रही शिक्षिका अंशिका जैन को यहां से हटाकर उनके मूल विद्यालय नगला आशा, कल्होर पछां भेजा गया।

बीईओ कराएंगे एमडीएम का वितरण

विवाद की जड़ में शामिल एमडीएम को काम सुचारू होगा। इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी मनीद्र कुमार को दी गई है। यह इस विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल भी बनवाएंगे।

यह भी रहे मौजूद

डीएम से वार्ता के दौरान प्रधान प्रतिनिधि मनभावन शाक्य, ओमवीर चौहान, आनंद चौहान, निहाल सिंह, रामरतन चौहान, गिरीश चंद, मिलाप सिंह, लायक सिंह, गौरीशंकर आदि ग्रामीण और अभिभावक भी मौजूद रहे।

डीएम की मौजूदगी में रात को वार्ता के बाद शिक्षक राजेश यादव और विद्यार्थियों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक को दूसरे विद्यालय भेजा गया है। एक शिक्षिका का संबद्धीकरण समाप्त कर मूल विद्यालय भेजा गसया है। एमडीएम के सुचारू वितरण का काम बीईओ कराएंगे। शिक्षक के लगाए गए आरोपों की जांच भी बीईओ को दी है।

- कमल सिंह, बीएसए। 

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