ताज परिसर के इस हिस्‍से की लौटेगी फिर से रौनक, 40 लाख में होगी संरक्षण की कवायद Agra News

ताज परिसर के इस हिस्‍से की लौटेगी फिर से रौनक, 40 लाख में होगी संरक्षण की कवायद Agra News
Publish Date:Fri, 06 Dec 2019 04:38 PM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, जागरण संवाददाता। ताजमहल में रॉयल गेट से लगे पूर्वी व पश्चिमी बरामदों की रौनक एक बार फिर लौटेगी। बरामदों में खराब हुए फर्श, दीवार, बीम के पत्थरों को बदला जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। संरक्षण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होंगे।

ताजमहल में रॉयल गेट से गुजरने के बाद ही धवल संगमरमरी ताज के हुस्न को पर्यटक निहार पाते हैं। रॉयल गेट के दोनों ओर पूर्वी व पश्चिमी बरामदे हैं। इनमें अंदर की तरफ स्थित पश्चिमी बरामदे में दीर्घा बनी है, जिसमें विश्व धरोहर व अन्य स्मारकों के चित्र लगे हुए हैं। पूर्वी व पश्चिमी बरामदे में फर्श, दीवार के कई पत्थरों में लोनी लगने की वजह से परतें छूट रही हैं। बीम व चौकी के कुछ पत्थर भी खराब हो चुके हैं। इससे विश्व धरोहर स्थल ताजमहल की छवि देश और दुनिया से आने वाले पर्यटकों के समक्ष खराब होती है। इसे देखते हुए एएसआइ ने दोनों बरामदों के संरक्षण को सामग्री की खरीद को 12.23 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। लेबर व अन्य खर्चों समेत संरक्षण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होंगे। चार माह तक संरक्षण कार्य किया जाएगा।

अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि समय-समय पर स्मारकों में संरक्षण कार्य किया जाता रहा है। रॉयल गेट के बराबर स्थित बरामदों में भी पूर्व में खराब पत्थर बदले गए हैं। टेंडर होते ही यहां काम शुरू करा दिया जाएगा।

तांतपुर की जगह लगेगा बंशी पहाड़पुर का पत्थर

आगरा में मुगल काल में बने स्मारकों में तांतपुर से आया रेड सैंड स्टोन लगा हुआ है। अब तांतपुर में रेड सैंड स्टोन खत्म हो चुका है। इसीलिए भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से आया रेड सैंड स्टोन संरक्षण कार्य के दौरान ताज के बरामदों में इस्तेमाल में लाया जाएगा। 

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