UP TET Exam 2021: परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होना मुश्किल, प्रिटिंग प्रेस या डबल लाकर से ही लीक हो सकता है पेपर

UP TET Exam 2021 वर्ष 2010 में बीएड प्रवेश परीक्षा का प्रश्न-पत्र प्रिंटिंग प्रेस के हेल्पर ने किया था लीक। कड़ी सुरक्षा के बाद भी चालाकी से लगाई थी सुरक्षा में सेंध। प्रश्न-पत्र छापने की जिम्मेदारी तत्कालीन मायावती सरकार ने पब्लिकेशन को दी थी।

Tanu GuptaPublish:Mon, 29 Nov 2021 05:36 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 05:36 PM (IST)
UP TET Exam 2021: परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होना मुश्किल, प्रिटिंग प्रेस या डबल लाकर से ही लीक हो सकता है पेपर
UP TET Exam 2021: परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होना मुश्किल, प्रिटिंग प्रेस या डबल लाकर से ही लीक हो सकता है पेपर

आगरा, जागरण संवाददाता। रविवार को यूपी टेट प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद हो गई। लेकिन यह पहला मामला नहीं। वर्तमान व्यवस्था के कारण अब परीक्षा केंद्र से प्रश्न-पत्र लीक करना संभव नहीं क्योंकि उसे सिर्फ एक-डेढ़ घंटे पहले पहुंचाया जाता है। प्रश्न-पत्र प्रिंटिंग प्रेस या फिर डबल लाकर में रखे जाने के दौरान ही लीक होने की आशंका अधिक रहती है। वर्ष 2010 में भी आगरा से बीएड प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। तब प्रिंटिंग प्रेस के हेल्पर ने कड़ी सुरक्षा में सेंध लगाकर साली की मदद के लिए उसे लीक किया था।

यह कहना है एक पब्लिकेशन में मार्केटिंग मैनेजर और तब उक्त प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े सुनीत कुमार कुलश्रेष्ठ का। वह बताते हैं कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न-पत्र कड़ी सुरक्षा के बीच छापे जाते हैं। इसके लिए प्रिंटिंग प्रेस के पास सिक्योरिटी प्रिंटिंग सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। तभी बेहद गोपनीय प्रक्रिया के बाद प्रिंटिंग प्रेस को चुना जाता है। 2010 में आउट हुआ प्रश्न-पत्र भी कड़ी सुरक्षा में छपा था। प्रश्न-पत्र छापने की जिम्मेदारी तत्कालीन मायावती सरकार ने पब्लिकेशन को दी थी। शहर से दूर प्रिंटिंग प्रेस में पहुंचने वाले कर्मचारियों के कपड़े और जूते गेट पर उतरवाकर उन्हें सिर्फ अंडरवियर में सीसीटीवी की निगरानी में प्रवेश दिया जाता और कड़ी चेकिंग होती। उन्हें अंदर पहनने के लिए दूसरे कपड़े और जूते मिलते थे। लौटने पर दोबारा चेकिंग होती और गेट से निकलकर कपड़े व जूते लौटाए जाते। 12 घंटे की शिफ्ट में उन्हें कहीं जाने की अनुमति नहीं थी, खाना भी प्रेस में ही उपलब्ध कराया जाता। सुरक्षा में भूतपूर्व सैनिकों लगाए जाते थे।

हेल्पर ने चुराया था पेपर

एसटीएफ की जांच में पता चला था कि आरोपित हेल्पर ने कड़ी सुरक्षा के बावजूद अपनी साली को पास करने की नीयत से प्रिंटिंग के दौरान रद्दी हुए पेपर में एक कापी चुपके से उठा ली थी, जो प्रिंटिंग के दौरान हल्के छपने से खराब हो गए थे। कापी ले जाने के लिए उसने कापी फोल्ड करके अपने शरीर में टेप से चिपका लिया और सिर्फ अंडरवियर पहने होने के कारण चेकिंग में नहीं पकड़ा गया।

पहले नहीं हुआ था विश्वास

वह बताते है कि प्रश्न-पत्र लीक होने की सूचना जोड़कर एसटीएफ जांच करते हुए प्रिंटिंग प्रेस पहुंची और बताया कि प्रश्न-पत्र यहीं से लीक हुआ है। प्रश्न-पत्र कड़ी सुरक्षा के बीच छपने पर पहले तो हमें यकीन नहीं। लेकिन एसटीएफ ने उक्त हेल्पर को पकड़ा, तो उसने बात स्वीकारी। बताया कि साली ने प्रश्न-पत्र अपनी सहेली को देने के लिए एक फोटोस्टेट वाले को दिया, उसने बिना बताए अतिरिक्त कापी निकाल ली। बाद में पैसे लेकर बांट दिया। मामले में कई गिरफ्तारी हुई थीं।