Online Education: आंकड़ों की बाजीगरी में उलझी ताजनगरी में ऑनलाइन शिक्षण की कहानी

कार्यालय ने टेलीविजन देखने वाले विद्यार्थियों की संख्या भेजी है।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 03:16 PM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, जागरण संवाददाता। जिले में उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के कक्षा नौवीं के 88.96 फीसद, हाईस्कूल के 98.06 फीसद, 11वीं के 95.75 फीसद और इंटर के 94.36 फीसद विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षण का लाभ ले रहे हैं। यह आंकड़े बताने को काफी हैं कि कोरोना काल में भी यूपी बोर्ड ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षण में शानदार काम कर रहा है। लेकिन यही आंकड़े अब जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिए मुसीबत बन गए हैं। कारण ऑल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (अप्सा) ने आंकड़ों को फर्जी बता प्रशासनिक अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। ये उंगलियां यूं ही नहीं उठी। जिविनि कार्यालय ने इन कक्षाओं से लाभांवित विद्यार्थियों की जो संख्या शासन को भेजी है, वही सवालों के घेरे में हैं। बता दें कि 19 सितंबर को शासन को सूचना भेजी थी कि जिले में यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के कक्षा नौ के 41802, हाईस्कूल के 45949, कक्षा 11वीं के 39759 और इंटर के 39427 विद्यार्थी ऑनलाइन व डिजिटल कक्षाओं का लाभ ले रहे हैं।

इसलिए उठी उंगलियां

उंगलियां उठने का कारण यह संख्या ही है। दरअसल 31 अगस्त तक सत्र 2021-22 के लिए कक्षा नौ में 46991, हाईस्कूल में 46859, 11वीं में 41526 और इंटर में 41782 विद्यार्थियों ने ही पंजीकरण फीस जमा कराई थी। लिहाजा इन आंकड़ों से जोड़कर देखें, तो नौवीं के 88.96, हाईस्कूल के 98.06, 11वीं के 95.75 और इंटर के 94.36 फीसद विद्यार्थी ऑनलाइन व डिजिटल शिक्षण पा रहे हैं।

वित्तविहीन विद्यालयों ने पहले ही किए हाथ खड़े

यह आंकड़े तब हैं, जब वित्तविहीन विद्यालयों के ज्यादातर प्रबंधक विद्यार्थियों पर संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित न करने की सूचना जिविनि कार्यालय में पहले ही दे चुके हैं। ऐसे में 903 में से 755 वित्तविहीन विद्यालय अलग कर दें, तो बचे 148 राजकीय और एडेड विद्यालय। वहां भी लगभग सभी विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण से महज 25 से 40 फीसद विद्यार्थी ही ऑनलाइन शिक्षण से जुड़ रहे हैं। इसलिए इन आंकड़ों पर उंगलियां उठ रही हैं।

भेजे टेलीविजन देखने के आंकड़े

जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का कहना है कि उक्त आंकड़े सही हैं, कार्यालय ने टेलीविजन देखने वाले विद्यार्थियों की संख्या भेजी है, जो विद्यालय द्वारा ऑनलाइन शिक्षण न कराने के बाद भी दूरदर्शन पर वीडियो लेक्चर देखकर पढ़ रहे हैं। 

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