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Board Exam: अब लिखने के साथ अंग्रेजी बोलने के भी मिलेंगे मार्क्‍स Agra News

आगरा, जागरण संवाददाता। हर क्षेत्र में अंग्रेजी के महत्व को देखते हुए अब सीबीएसई ने अपने स्कूलों में अंग्रेजी बोलने और सुनने के लिए 20 अंक निर्धारित कर दिए हैं। 2020 से 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा में 80 अंक थ्योरी के होंगे तो 20 अंक स्कूल में पूरे साल विद्यार्थी द्वारा बोली और सुनी जाने वाली अंग्रेजी के।

दसवीं करते ही विद्यार्थियों का पूरा ध्यान अपने भविष्य की तरफ चला जाता है। किस स्ट्रीम को लेना है, किस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है, लेकिन आज के समय में हर क्षेत्र में अंग्रेजी काफी महत्व रखती है। अंग्रेजी का जितना महत्व पढ़ाई के लिए है, उतना ही नौकरी में भी। इसीलिए सीबीएसई अपने विद्यार्थियों को 11वीं से ही नौकरियों में अंग्रेजी के कारण मिलने वाली मात से निपटने को तैयार करेगा।

11वीं के विद्यार्थियों से उम्मीद

11वीं के विद्यार्थियों से उम्मीद की जाती है कि इस स्तर पर आकर अंग्रेजी भाषा के शब्दों का ज्ञान, निबंध लिखना, पत्र लिखना, एप्लीकेशन लिखना, फॉर्म भरना, ईमेल लिखना, अपना रेज्यूम तैयार करना, अपने लिए जरूरी नोट्स बनाना आना चाहिए। व्याकरण पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। एक तरह के वाक्य को दूसरे स्तर पर बदलना आना चाहिए। लेखकों का लिखा हुआ समझ जाएं। शब्दावली और एनसाइक्लोपीडिया आदि की जानकारी हो।। अंग्रेजी न्यूज समझ आए। अंतरराष्ट्रीय खबरें पढ़ें और समङों। अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को चिट्ठी लिख सकें। बैंक व पोस्ट ऑफिस में जाकर अपना खाता खुलवा सकें। शिकायत दर्ज करा सकें। आम जनता के बीच जाकर आराम से अंग्रेजी में बात कर सकें।

इस तरह से होगा असेसमेंट

20 अंकों के लिए शिक्षकों द्वारा विषय दिए जाएंगे, उस विषय पर विद्यार्थियों को बोलना होगा। अंग्रेजी बोलने का प्रवाह देखा जाएगा। उच्चारण सही होना चाहिए। शब्दावली सही होनी चाहिए। किसी भी किताब की समीक्षा कराई जाएगी। सार तैयार करने को दिया जाएगा। सेमीनार की रिपोर्ट अंग्रेजी में तैयार करनी होगी। कहानी लिखवाई जाएगी। यह गतिविधियां पूरे साल चलेंगी। स्कूल को रिजल्ट लेने के बाद भी तीन महीने तक रिकॉर्ड रखना होगा, जिससे आपात स्थिति में बोर्ड जांच करना चाहे तो कर सके। इसमें स्पीकिंग स्किल्स की जानकारी बोर्ड को नहीं दी जाएगी।

एक्‍सपर्ट की राय

सीबीएसई के इस कदम के पीछे विद्यार्थियों में अंग्रेजी को लेकर संशय खत्म करना है। इससे भविष्य में उन्हें किसी भी क्षेत्र में अंग्रेजी को लेकर पिछड़ना नहीं पड़ेगा।

डा. गिरधर शर्मा, निदेशक, सेंट एंड्रूज सीनियर सेकेंड्री स्कूल

मार्क्‍स बेशक 20 ही हैं, लेकिन इससे पूरा साल विद्यार्थी शिक्षकों के साथ मेहनत करेंगे। 20 नंबर भी कई बार पूरा फीसद उलट सकते हैं। अंग्रेजी को मजबूत करने में यह कदम बहुत कारगर साबित होगा।

त्रिलोक सिंह राना, निदेशक, ऑल सेंट्स स्कूल

 

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