आगरा में MC Mehta ने कहा पानी तो सभी को चाहिए, यमुना का बुरा हाल क्यों

शुक्रवार को आगरा में किले के पास यमुना में गिरते नाले को देखते पर्यावरणविद् एमसी मेहता।

पर्यावरणविद एवं वरिष्‍ठ अधिवक्ता एमसी मेहता और नीरी के चेयरमैन डा. एसके गोयल ने की सर्किट हाउस में बैठक। उन्होंने यमुना में गिरने वालों नालों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों लेदर पार्क इंडस्ट्रीयल एरिया कुबेरपुर लैंडफिल साइट की जानकारी अधिकारियों से ली।

Prateek GuptaFri, 26 Feb 2021 06:14 PM (IST)

आगरा, जागरण संवाददाता। पर्यावरणविद अधिवक्ता एमसी मेहता और नेशनल इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के चेयरमैन डॉ एसके गोयल शुक्रवार को आगरा पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने यमुना में गिरने वालों नालों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों, लेदर पार्क, इंडस्ट्रीयल एरिया कुबेरपुर लैंडफिल साइट की जानकारी अधिकारियों से ली।

नीरी के चैयरमैन डा. एसके  गोयल ने यमुना की दुर्दशा पर सवाल उठाया तो नगर निगम के पर्यावरण अभियन्ता राजीव राठी ने कहा कि यमुना में गिरने वाले 29 नाले टैप हैं और 61 नाले यमुना में गिर रहे हैं। पिछले वर्ष यमुना में सीधे गिरने वाले नालों पर बायो रेमेडिएशन तकनीक अमल में लायी गयी है। अभी फाइटो रेमेडिएशन और अमल में लायी जायेगी, जिससे और सुधार होगा।  वहीं, मेहता ने कहा कि पानी तो सभी की जरूरत है।यह तो मानव और पक्षियों के लिए स्वच्छ हवा और पानी तो होना ही चाहिए। उन्होंंने नगर निगम से यमुना की दशा में सुुधार को किये गए प्रयासोंं की जानकारी मांगी। कुबेरपुर लैंडफिल साइट से कूूड़े के उठान की जानकारी भी उन्होंने ली। लेदर पार्क से जुड़े अभिलेेेख उन्होंने मांगे। यमुना जल के सैम्पल की रिपोर्ट उन्होंने मांगी है। अभी टीम निरीक्षण करेगी। 

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