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आंबेडकर विवि में आज से शुरू हो रही हैं कई परीक्षाएं, कोर्ट ने परीक्षा नियंत्रक के प्रति जताई नाराजगी

आंबेडकर विवि आगरा में मंगलवार को परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं।

बीए व बीएससी तृतीय वर्ष की बैक पेपर व पुन परीक्षा आरबीएस व सेंट जोंस कालेज में। एमबीबीए और एलएलएम की परीक्षाएं भी शुरू आइईटी खंदारी में होगी मेडिकल की परीक्षा। परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न प्रणाली आधारित होगी। अवधि दो घंटे की होगी।

Prateek GuptaTue, 23 Mar 2021 07:48 AM (IST)

आगरा, जागरण संवाददाता। डा. भीमराव आंबेडक विश्वविद्यालय के बीए व बीएससी तृतीय वर्ष की बैक पेपर व पुन: परीक्षाएं 23 मार्च से शुरू हो रही हैं। बीएससी के लिए आरबीएस कालेज को केंद्र बनाया गया है। तीन पालियों में होने वाली बीएससी की परीक्षाएं 27 मार्च को खत्म होंगी। बीए की परीक्षा के लिए सेंट जोंस कालेज को केंद्र बनाया गया है। परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न प्रणाली आधारित होगी। अवधि दो घंटे की होगी। बीए की परीक्षाएं भी 27 मार्च को खत्म होंगी।

एमबीबीएस पार्ट-वन बैच 2018 (ओल्ड कोर्स), एमबीबीएस सेकेंड प्रोफेशनल बैच 2017 व एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल पार्ट-वन बैच 2016 की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं भी 23 मार्च से ही शुरू हो रही हैं। आइईटी खंदारी में होने वाली यह परीक्षाएं एक अप्रैल तक चलेंगी।एलएलएम प्रीवियस रिवाइज्ड बैच 2017-18, 2018-19 व 2019-20 की मुख्य, पुन: परीक्षा व पूर्व छात्रों की परीक्षाएं 23 से 26 मार्च तक होंगी।

तारीख पर नहीं पहुंचे परीक्षा नियंत्रक

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा एक छात्र को बीकाम की डिग्री न देने का मामले में कुलसचिव डा. अंजनी कुमार मिश्र सोमवार को उपस्थित हुए। परीक्षा नियंत्रक के उपस्थित न होने पर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए 25 मार्च की तिथि सुनवाई के लिए दी है।

हरीपर्वत के मोती लाल नेहरू रोड घटिया आजम निवासी अभिषेक नारायण अग्रवाल पुत्र कैलाश नारायण अग्रवाल ने वर्ष 2006 में विवि से संबद्ध आरबीएस कालेज से बीकाम किया था। उन्होंने बीकाम की डिग्री के लिए 500 रुपये का चालान भरा था। अंकतालिका में अनुक्रमांक गलत होने पर डिग्री जारी नहीं की गई। छात्र ने संशोधन के लिए भी पैसे जमा करा दिए।डिग्री न मिलने पर अभिषेक ने 23 जुलाई 2016 को सहायक कुलसचिव से शिकायत की, फिर कुलपति कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया। राहत न मिलने पर न्यायालय में 2017 में वाद प्रस्तुत किया। इसमें डिग्री प्रदान करने, अंकतालिका में संशोधन करने, मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में दस लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने का आग्रह किया गया। विपक्षीगण के अधिवक्ता द्वारा अपना आश्वासन पूरा न करने पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष एवं सदस्य ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक को 22 मार्च को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए।

न्यायालय ने जाहिर की नाराजगी

तय समय पर कुलसचिव न्यायालय पहुंच गए। न्यायाधीश ने परीक्षा नियंत्रक की अनुपस्थिति का कारण पूछा। एक कर्मचारी द्वारा डिग्री प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भिजवाने पर न्यायालय ने परीक्षा नियंत्रक डा. राजीव कुमार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। न्यायालय ने 25 मार्च को परीक्षा नियंत्रक को उपस्थित रहने के आदेश जारी किए। कुलसचिव के साथ अधिवक्ता अरुण कुमार भी उपस्थित रहे। 

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