Wrestling in Agra: आगरा में तो कुश्ती ही दाव पर, सुविधाओं के अभाव में पहलवान चित्त

Wrestling in Agra आगरा के स्टेडियम में कोच नहीं है तो कुश्ती का हाल बहुत छोटा। कुश्ती छोड़ रहे या फिर पलायन कर रहे हैं खिलाड़ी। कुश्ती बहुत पुराना खेल है। राजा-महाराजाओं के दरबार में पहलवान हुआ करते थे।

Tanu GuptaSat, 31 Jul 2021 02:04 PM (IST)
आगरा के पहलवान कुश्ती छोड़ने को हुए मजबूर। प्रतीकात्मक फोटो

आगरा, जागरण संवाददाता। टोक्यो ओलिंपिक में भारत को एकमात्र पदक वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने दिलाया है। भारत को पहलवान बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया, विनेश फोगाट, सीमा बिसला, अंशु मलिक, सोनम मलिक से पदकों की बड़ी आस लगी है। देश पहलवानों से पदक जीतने की उम्मीद लगाए है, लेकिन ताजनगरी में सुविधाओं के अभाव में पहलवान ही चित्त हैं। कोई शहर छोड़कर हरियाणा और दिल्ली का रुख कर रहा है तो कुछ ने कुश्ती से ही तौबा कर ली है।

कुश्ती बहुत पुराना खेल है। राजा-महाराजाओं के दरबार में पहलवान हुआ करते थे। ताजनगरी में तो देवरी रोड पर शाहजहां के दरबारी पहलवान का मकबरा भी है। पांच दशक पूर्व तक कुश्ती के अखाड़े शहर से लेकर देहात तक हुआ करते थे। अब यह देहात तक सिमटकर रह गए हैं। खेल भी बदल गया है। मिट्टी के मैदान में होने वाली कुश्ती में एक पहलवान द्वारा दूसरे पहलवान को चित्त करने पर मुकाबले का फैसला होता था। अब मैट पर होने वाली कुश्ती में अंकों के आधार पर विजेता का फैसला होता है। ताजनगरी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में कुश्ती दम तोड़ रही है। यहां के खिलाड़ी नेशनल लेवल से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। स्टेडियम में पूर्व में कुश्ती के कोच रहे नेत्रपाल सिंह ने बताया कि आगरा में सुविधाओं का नितांत अभाव है। कुश्ती का हाल इतना छोटा है कि उसमें मैट भी पूरा नहीं आ पाता है। हाल में क्रास वेंटीलेशन न होने से गर्मी में खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं। अभ्यास के लिए उचित उपकरण तक नहीं हैं। जिले में कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए एक भी हास्टल नहीं है। केवल सुबह-शाम को अभ्यास की व्यवस्था होने से कोच भी अच्छी तैयारी खिलाड़ियों को नहीं करा पाते हैं।

यह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं

-कुश्ती के लिए बड़ा हाल बने, जिसमें मैट की सुविधा हो।

-खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था हो।

-स्कूल के स्तर से ही खिलाड़ियों का चयन कर तैयारी कराई जाए।

-खिलाड़ियों को पोषक तत्वों से भरपूर डायट मिले।

-स्टेडियम में कोच की तैनाती हो।

बन रही है आवासीय एकेडमी

आगरा-फतेहपुर सीकरी मार्ग पर लड़ामदा में जिला कुश्ती संघ कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए आवासीय एकेडमी बनवा रहा है। इसमें 180 खिलाड़ियों के आवास की सुविधा होगी। जनवरी में आगरा मेंं हुई सीनियर महिला राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में रेसलिंग फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने जिला कुश्ती संघ को जो मैट दिया था, वो यहां लगाया जाएगा। वहीं, अकोला में मिनी स्टेडियम कुश्ती के लिए बनाया जा रहा है।

खिलाड़ियों का दर्द

स्टेडियम में डेढ़ वर्ष से कुश्ती का कोई कोच तैनात नहीं किया गया है। कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए हास्टल बनाया जाना चाहिए।

-पुष्पेंद्र सिंह, कुश्ती कोच

स्टेडियम में कोच नहीं है। हाल बहुत छोटा है, जिसमें मैट नहीं लग सकता है। उपकरण नहीं हैं। प्रैक्टिस की उचित सुविधा नहीं है।

-अनीस, पहलवान

आगरा में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उचित प्रशिक्षण व सुविधाएं मिलें तो खिलाड़ी देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।

-कृष्णा चाहर, पहलवान

सुविधाओं के अभाव, सरकार द्वारा नजरअंदाज करने से सीनियर खिलाड़ी कुश्ती छोड़ रहे हैं। अन्य दिल्ली व हरियाणा का रुख कर रहे हैं।

-चंद्रवीर, पहलवान 

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