Agra Air Port: आगरा का हवाई अड्डा, अपने आप में समेटे है शाैर्य की अद्भुत गाथा

Agra Air Port 15 अगस्त को आगरा एयर फोर्स स्टेशन का स्थापना दिवस भी होता है। आज 83 वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। आगरा सैन्य हवाई अड्डा वायु सेना के लिए उन चार महत्वपूर्ण सेना हवाई अड्डों में से एक है।

Tanu GuptaSun, 15 Aug 2021 02:00 PM (IST)
15 अगस्त को आगरा एयर फोर्स स्टेशन का स्थापना दिवस भी होता है।

आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा मंडल के लोगों को आज गर्व करने का दिवस है क्योंकि दुश्मनों के दांत खट्टे करने में आगरा का सैन्य हवाई अड्डा की एक बहुत बड़ी भूमिका रही है। लोकस्वर संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के अनुसार  देश की सेना में वायु सेना बहुत महत्वपूर्ण अंग है। 15 अगस्त को आगरा एयर फोर्स स्टेशन का स्थापना दिवस भी होता है। आज 83 वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। आगरा सैन्य हवाई अड्डा वायु सेना के लिए उन चार महत्वपूर्ण सेना हवाई अड्डों में से एक है जो हमेशा देश की रक्षा के लिए अपना योगदान देता रहा है।

यह है इतिहास

आगरा सैन्य हवाई अड्डा 1938 के आसपास बनाया गया था। टाटा के द्वारा रखरखाव किया जाता था। आगरा सैन्य हवाई अड्डे के एक गेट का नाम भी टाटा गेट के नाम से रखा गया। शुरू में टाटा द्वारा आगरा मुंबई कराची ,कराची मुंबई आगरा डाक सेवा की जाती थी। काफी समय तक रेलवे लाइन और पेट्रोलियम की सप्लाई सीधे सैन्य हवाई अड्डे तक उपलब्ध थी। 

ये है विशेषता

आगरा का सैन्य हवाई अड्डा इंडियन एयर फोर्स का और एशिया में सबसे बड़ा एयर बेस है। इसमें ढाई सौ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 6000 से ज्यादा कर्मचारी तैनात हैं। इस सैन्य हवाई अड्डा ने एयर मार्शल तक दिए हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना बड़ा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आगरा सैन्य हवाई अड्डे का सेकंड वर्ल्ड वॉर के टाइम में एयरड्राप नाम था। हालाकि सेकंड वर्ल्ड वॉर खत्म होने के बाद रॉयल इंडियन फोर्स ने इसका इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। यह एयरबेस स्टैटिकल कार्य करता हैं।

देश का पहला पैराट्रेनिंग सेंटर

वर्ष 1942 में जापान से लड़ने के लिए अमेरिका विमान इस एयरबेस को सप्लाई और मेंटेनेंस के लिए इस्तेमाल करता था। आज भी यह एयरबेस स्टैटिकल, फ्यूल सप्लाई व मेंटेनेंस का महत्वपूर्ण काम करता है। आगरा सैन्य हवाई अड्डा देश की पैरा ड्रॉपिंग सिखाने के लिए देश भर में जाना जाता है। आज भी आगरा एयर फोर्स जहाज में पैट्रोल सप्लाई करने का महत्वपूर्ण काम करता है। अब आसमान में ही उसे फ्यूल दे दिया जाता है जमीन पर आने की आवश्यकता को ख़त्म किया व हवाई अड्डा आसमान में पूर्ति करता है।

कब हुइ थी स्थापना 

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने देश के चार इंटरनेशनल लेवल क़े एयर फोर्स स्थापना कराई थी। चौथी विंग के रूप वर्ष 1948 में सरदार बलदेव सिंह तत्कालीन रक्षा मंत्री शिलान्यास किया था। इसी वर्ष रॉयल वायु सेना से भारतीय वायु सेना नाम हुआ। इसके बाद यहां पर डेवलपमेंट का काम शुरू हुआ .और आज यह एशिया का सबसे विशाल एयरवेस बन चुका है। 

ये सुविधा भी है

आगरा वायु सैन्य स्थल में एक सिनेमाघर है जो ब्लू बर्ड के नाम से जाना जाता है। साथ ही एक संग्रहालय है जिसमें देश भर के सैन्य हीरो व उपकरणों की तस्वीरें देखने को मिल सकती है। वर्ष 1971 में जब पाकिस्तान में से युद्ध के दौरान उसके विमानों ने आगरा में बमबारी की थी और एक हवाई पट्टी को क्षतिग्रस्त कर दिया था। उसी समय आगरा के ठेकेदार मिस्टर जीएस मग्गो के पिता ने रात की रात उस हवाई पट्टी को ना केवल दुरुस्त किया। बल्कि हवाई जहाज उड़ा कर और वहां के मौजूद एंटी एयरक्राफ्ट गन ने लगातार फायर करके पाक विमानों को वहां से भागने पर मजबूर कर दिया था। इन्हीं मग्गो साहब के पिता ने आगरा हवाई अड्डे में के निर्माण में शुरू से योगदान दिया। आज भी मिस्टर जी एस मग्गो प्रत्यक्षदर्शी उस रात के अपने अनुभव बताते हैं कि किस तरीके से पट्टी क्षतिग्रस्त हुई और किस तरीके से उन लोगों ने उसको मेहनत से बनाया। आगरा का अर्जुन नगर का जो गुरुद्वारा है वह भी यहां के एयर कमोडोर मिस्टर जहांगीर के हाथ से रखा हुआ। उन्हीं के कहने पर मिस्टर मग्गो के परिवार ने तीन कमरे से एयर फोर्स स्कूल की शुरुआत कराई थी, जो आज एक नामी स्कूल की श्रेणी में आता है।

आने वाले दिनों में सेना हवाई अड्डे पर खतरों को देखते हुए आगरा हवाई अड्डा एक्सप्रेस वे को भी लड़ाकू विमानों के उतरने लायक बनाने की कोशिश कर रहा है। यदि किसी वजह से युद्ध के दौरान रनवे बंद हो जाएं तो ऐसी स्थिति में आगरा एक्सप्रेस वे पर उतारा जा सके ताकि इसमें फ्यूल और हथियार फिर से लोड किए जा सके जैसा ऊपर बताया है आगरा एकमात्र देश का पैरा ट्रेनिंग सेंटर है।

एक नजर 

- आगरा का हवाई अड्डा का ICAO, VIAG, IATA,  AGR। यह एक सैन्य हवाई अड्डा है। इसकी प्राणी यांत्रिक नहीं है इसकी उड़ान पट्टी की लंबाई 9000 फीट है।

-आगरा हवाई अड्डा आसमान में दुश्मनों के ऊपर नजर रखने वाला सैन्य हवाई अड्डा है। यहां विमान पर अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (अवॉक्‍स) भी तैनात हैं। इसकी खासियत है यह आसमान में 400 किलोमीटर दूर तक की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। पाकिस्तान हो या चीन भारत में रहकर ही इनकी हवाई निगरानी की जा रही है। आगरा एयरबेस पर आईएल-76, एएन-32, सी-17, सी-124 जहाजों का बेड़ा है।

 

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