Cyber Jagrukta Campaign: आगरा जोन में साइबर अपराधियों से निपटने को खाकी वालों की मदद कर रहा साइबर साथी

Cyber Jagrukta Campaign साइबर जागरुकता अभियान के तहत जोन के 824 पुलिसर्मियों को विशेषज्ञ दे रहे ट्रेनिंग। फाइनेंसियल फ्राड इंटरनेट मीडिया क्राइम और डिजिटल एविडेंस कलेक्शन की दी जा रही जानकारी। करीब 32 हजार लोगों को आनलाइन जोड़कर साइबर अपराध के प्रति सचेत करेंगे।

Tanu GuptaThu, 10 Jun 2021 09:26 AM (IST)
साइबर साथी प्रोजेक्ट के तहत पुलिस को साइबर अपराधियों के नये तरीके की जानकारी दी जा रही है।

आगरा, यशपाल चौहान। मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग बढ़ने के साथ ही साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। मगर, इनसे निपटने को हम तैयार नहीं हैं। आम जनता ही नहीं पुलिसकर्मियों का अभी इसमें हाथ तंग है।साइबर अपराध से बचाव और इन पर अंकुश लगाने के तरीकों के बारे में अभी पुलिसकर्मियों को जानकारी नहीं है। एडीजी राजीव कृष्ण ने पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध में विशेषज्ञ बनाने के लिए दिल्ली की संस्था साइबर पीस फाउंडेशन से हाथ मिलाया है। साइबर जागरुकता अभियान के तहत अब उन्हें साइबर अपराधियों के नए तरीकों से निपटने की जानकारी दी जा रही है। संस्था के साथ मिलकर आनलाइन पाठशाला शुरू की गई है। इसमें पहले चरण में 824 पुलिसकर्मियों को आनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है।

साइबर पीस फाउंडेशन के विशेषज्ञ एक जून से पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। 12 सत्रों में होने वाली यह ट्रेनिंग एक माह तक चलेगी। इसमें साइबर अपराध, इंटरनेट मीडिया के दुुरुपयोग और महिलाओं के प्रति होने वाले साइबर अपराधों पर नकेल कसने और प्राप्त शिकायतों में त्वरित कार्रवाई और मुकदमों को जल्द निस्तारित करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।आगरा जोन के आठ जनपद आगरा, मथुरा, मैनपुरी, फीरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा के सिपाही से इंस्पेक्टर तक के 824 पुलिसकर्मी पहले चरण में ट्रेनिंग को चुने गए हैं। इन्हें लिंक शेयर कर दिया गया है। इस पर जुड़ने के बाद विशेषज्ञ इन्हें साइबर अपराध की जानकारी दे रहे हैं। 824 पुलिसकर्मियों को कुछ इस तरह चुना गया है कि हर थाने में साइबर अपराध की जानकारी रखने वाले पुलिसकर्मी पहले चरण में ही तैयार हो जाएं। प्रत्येक थाने से दाे-दो महिला हेल्प डेस्क आफिसर बुलाए गए हैं। इस तरह 340 महिला पुलिसकर्मी, सभी थानों में तैनात 100 इंस्पेक्टर, 310 सब इंस्पेक्टर और 74 पुरुष आरक्षियों को ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़ा गया है। एडीजी जोन राजीव कृष्ण का कहना है कि साइबर अपराध के प्रति पुलिसकर्मियों और जनता में जागरूकता लाने के लिए साइबर पीस फाउंडेशन से एमओयू साइन किया गया है। साइबर जागरुकता अभियान के तहत पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के बाद अगले चरण में जनजागरूकता का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पूरा डाटा तैयार कर लिया गया है। जोन के सभी स्कूल, कालेज, व्यापारिक संगठन, धार्मिक संगठन व अन्य करीब 32 हजार लोगों को आनलाइन जोड़कर साइबर अपराध के प्रति सचेत करेंगे। इनमें से कुछ को जूम एप पर लाइव जानकारी दी जाएगी। कुछ को यू ट्यूब लिंक वाट्सएप पर शेयर कर दिया जाएगा। इससे ये साइबर अपराध के संबंध में जानकारी पा सकेंगे, जिससे अपराध का शिकार होने से बचाए जा सकेंगे।

 ये दी जा रही है ट्रेनिंग

फाइनेंसियल फ्राड, इंटरनेट मीडिया क्राइम, कलेक्शन आफ डिजिटल एविडेंस।

महिला हेल्प डेस्क से ही शिकायतों पर होगी कार्रवाई

पिछले वर्ष हर थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना हुई थी। इन पर महिला पुलिस आफिसर के रूप में महिला कांस्टेबल तैनात की गई थीं।इनको ट्रेनिंग दी जा रही है। अब थाने पर साइबर अपराध की कोई शिकायत लेकर आएगा तो साइबर पुलिस आफिसर कार्रवाई करेंगे। महिलाअों से संबंधित साइबर अपराध जैसे फेक प्रोफाइल बनाना, साइबर बुलिंग, साइबर स्टाकिंग आदि से संबंधित शिकायतों पर प्रशिक्षित महिला हेल्प डेस्क आफिसर कार्रवाई करेंगी। 

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