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CoronaVirus Infection: कोरोना से बचाव को नया प्रयास, अब इस दवा का किया जाएगा प्रयोग

आगरा, अजय दुबे। पेट के कीड़े मारने की दवा अब कोरोना के संक्रमण से बचाएगी। इस चिकित्सकीय निष्कर्ष के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वाले को पेट के कीड़े मारने की दवा आइवरमेक्टिन की गोली देने का फैसला लिया है। कोरोना संक्रमित के इलाज को इसके साथ डॉक्सीसाइक्लीन भी दी जाएगी।

अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इलाज के लिए आइवरमेक्टिन टेबलेट का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों और कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम यह दवा उपलब्ध कराएगी। डॉक्टरों की सलाह पर बाजार से भी यह दवा ली जा सकेगी।

खाना खाने के दो घंटे बाद लेनी होगी दवा 

कोविड-19 के उपचार एवं नियंत्रण में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को शरीर के वजन के मुताबिक दवा दी जाएगी। प्रति किलोग्राम भार पर 200 म्यू ग्राम दवा पहले, सातवें और 30वें दिन दी जाएगी। इसके बाद आवृत्ति क्रम में माह में एक बार आइवरमेक्टिन दी जाएगी। लक्षणविहीन और हल्के लक्षणों वाले रोगियों के इलाज को पहले तीन दिनों तक रात्रि में एक बार भोजन के दो घंटे बाद दवा दी जाएगी। साथ ही डॉक्सीसाइक्लीन 100 म्यू ग्राम दवा दिन में दो बार पांच दिन तक दी जाएगी।

गर्भवती महिला और बच्चों को नहीं दें यह दवा

गर्भवती और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी। डॉक्सीसाइक्लीन दवा भी गर्भवती और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी।

 इस तरह काम करती है आइवरमेक्टिन

आइवरमेक्टिन का इस्तेमाल 1970 से किया जा रहा है। यह दवा वायरस को कोशिका के केंद्र (न्यूक्लियस) तक पहुंचने से रोक देती है। इससे वायरस मरीज के डीएनए से नहीं जुड़ पाता है। इस दवा का डेंगू, चिकनगुनिया सहित कई अन्य बीमारियों में अच्छा रिजल्ट मिला है।  

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