Income Tax Day: आयकर दिवस, आगरा ने तय किया 161 साल में 30 लाख से 1489 करोड़ तक का सफर

आयकर विभाग ने पूरे किए अपने 161 साल। आजादी के बाद 1951 में 30.54 लाख रुपये प्राप्त हुआ था राजस्व। सात दशक पहले 1951 में आगरा जिले में जहां सिर्फ 3716 आयकरदाता थे आज उनकी संख्या बढ़ते हुए करीब सवा सात लाख तक पहुंच गई है।

Prateek GuptaSat, 24 Jul 2021 10:25 AM (IST)
आगरा में संजय प्‍लेस स्थित आयकर भवन।

आगरा, संदीप शर्मा।  अपनी स्थापना से अब तक आयकर विभाग 161 साल पूरे कर चुका है। वर्ष 1860 से अब तक विभाग हमेशा ही सबसे खास रहा। आजादी के बाद तो आयकर ही देश में राजस्व और सरकारी खजाना जुटाने का प्रमुख माध्यम रहा। आगरा क्षेत्र भी कतई पीछे नहीं, आजादी से अब तक बीते सात दशक में आयकर प्राप्ति में चार हजार गुना तक की वृद्धि करते हुए विभाग ने 30.54 लाख से 1489 करोड़ तक का लक्ष्य प्राप्त किया है।

सात दशक पहले 1951 में जिले में जहां सिर्फ 3716 आयकरदाता थे, आज उनकी संख्या बढ़ते हुए करीब सवा सात लाख तक पहुंच गई है। आजादी मिलने के बाद 1957 में न्यूनतम आयकर तीन हजार रुपये से ऊपर पर लगता था, उस समय प्रमुख करदाताओं में सराफा, जूता, फाउंड्री व आयातकर्ता शामिल थे।

विभागीय जानकारों के अनुसार वर्ष 1952 में आयकर के दो स्लैब थे, पांच हजार से कम और पांच हजार से ज्यादा। पांच हजार रुपये से कम आय वाले कुल 1611 करदाता थे, विभाग ने उनसे सालाना 1.07 लाख रुपये आयकर लिया, जबकि पांच हजार रुपये से अधिक आय वाले 2105 करदाता थे, जिनसे विभाग ने 29.47 लाख रुपये बतौर कर जमा किए। कुल 3716 आयकरदाताओं से तब विभाग ने 30.54 लाख रुपये बतौर कर जमा कराए।

1489 करोड़ है लक्ष्य

आयकर विभाग के आगरा क्षेत्र का वित्तीय वर्ष 2020-21 का लक्ष्य 1489 करोड़ रुपये थे, जिनमें से 95 फीसद विभाग ने बतौर एडवांस टैक्स के ही वसूल कर लिया था। इससे पहले आगरा क्षेत्र दो रेंज में बंटा था। वित्तीय वर्ष 2019-20 में सीआइटी-वन और सीआइटी-टू में करीब 6.78 लाख करदाता थे, जबकि 1330 करोड़ का टैक्स जमा किया। वहीं 2018-19 में आगरा के सीआइटी-वन और सीआइटी-टू क्षेत्र में 6.35 लाख आयकरदाता थे, जिन्होंने 1250 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया। उस वर्ष सिर्फ एक साल में ही दोनों जोन ने 57 हजार नए आयकरदाता बढ़ाए थे।

यह हैं प्रमुख आयकरदाता

आगरा क्षेत्र में जूता उद्योग का जाना-माना नाम है, यहां तमाम निर्यातकों के साथ स्थानीय उद्योग भी करीब 25 हजार करोड़ का है। वहीं सर्राफा, पान मसाला, फाउंड्री, पर्यटन आदि उद्योग ने भी ताजनगरी की अर्थव्यवस्था को लगातार काफी मजबूत किया है। इसके साथ बुलियन, पैकिंग, मीट, सर्जिकल आइटम आदि उद्योग भी तेजी से बढ़े हैं।

देश के विकास में दें सहयोग

प्रधान आयकर आयुक्त रेनू जौहरी का कहना है कि देश के विकास में आयकरदाताओं का सबसे बड़ा योगदान है। उनके चुकाए कर से ही देश की बड़ी-बड़ी योजनाएं मूर्त रूप लेती हैं। इसलिए कारोबारी, व्यापारी और आम लोग समय से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें, एडवांस टैक्स टैक्स भुगतान करें। करयोग्य आय के दायरे आने वाले कर अवश्य चुकाएं।

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