Mass Murder in Agra: 72 घंटे में 50 परिचितों से पूछताछ, फिर भी चौहरे हत्याकांड में आगरा पुलिस खाली हाथ

Mass Murder in Agra सामूहिक हत्याकांड में पुलिस को न मकसद मिला ना कातिल का सुराग। 72 घंटे में रेखा राठौर के 50 परिचितों से पूछताछ कर चुकी है पुलिस। हत्याकांड से संबंधित कोई ठोस सुराग नहीं दे सके हैं परिचित।

Tanu GuptaSun, 25 Jul 2021 02:00 PM (IST)
सामूहिक हत्याकांड में पुलिस को न मकसद मिला

आगरा, जागरण संवाददाता। कोतवाली के कूचा साधूराम में हुए सामूहिक हत्याकांड में 72 घंटे बाद भी कातिल का सुराग पाने में पुलिस नाकाम है। उसे चौहरे हत्याकांड का न तो मकसद मिल सका है, ना ही कातिल के बारे में कोई ठोस सुराग। सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी अभी तक उलझी हुई है।पुलिस के सामने चौहरे हत्याकांड से संबंधित तीन महत्वपूर्ण सवाल थे। पहला रेखा और उसके बच्चे को इतनी बेरहमी से कोई क्यों मार सकता है।दूसरा सवाल, चार लोगों की हत्या से उसे क्या लाभ होगा। तीसरा सवाल, रेखा के घर पर किन-किन लोगों को बेरोकटोक आना-जाना था।

कूचा साधूराम की चौबेजी वाली तंग गली में 21 जुलाई को दिनदहाड़े घर में घुसकर रेखा उसके तीनों बच्चों वंश, पारस और माही का निर्ममता पूर्वक गला काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस को गुरुवार की सुबह चौहरे हत्याकांड की जानकारी हुई। जिसके बाद पुलिस रेखा के पूर्व पति सुनील राठौर, परिचित किट्टू शर्मा, उसके पुजारी पिता, दोस्तों जैनुद, प्रीति समेत एक दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है।उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। रेखा के सबसे करीबी जैनुद और किट्टू शर्मा थे।इन सबसे तीन दिन तक चली पूछताछ के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।पुलिस रेखा की हत्या का ठोस मकसद पता नहीं लगा सकी है। मकसद पता चलने के बाद ही कातिल के सुराग मिलने की उम्मीद है। तीनों बच्चों की हत्या भी कातिल ने सिर्फ इसीलिए की, वह उसे पहचानते थे। छानबीन के दौरान पुलिस को रेखा के संपर्क में रहने वाले फरह समेत कुछ और लोगों के नाम पता चले हैं। वह इनसे भी पूछताछ करेगी। पुलिस अब उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जो रेखा की आर्थिक मदद करते थे। उसके घर का खर्चा चलाने में मदद करते थे। सिर्फ लूट के लिए नहीं हुई हत्या कातिल का सुराग लगाने की कोशिश में जुटी पुलिस के गले यह बात नहीं उतर रही है कि सिर्फ लूट के लिए बदमाश महिला और उसके तीन बच्चों की हत्या कर देंगे।वह परिवार को बंधक बनाकर भी लूटपाट कर सकते थे। घटना के पीछे किसी करीबी का हाथ है। जिसे गली में रहने वाले श्वान भी पहचानते थे। यह श्वान अजनबी लोगों को गली में देखकर भौंकने के साथ ही उसे खदेड़ने का प्रयास करते हैं। जबकि रेखा और तीन बच्चों की हत्या में किसी ने एक आवाज भी नहीं सुनी। सोमवार को खुलेगा रेखा का बैंक लाकरपुलिस को पूर्व पति सुनील राठौर से पूछताछ में पता चला कि रेखा के पास एक मोबाइल था। जबकि बच्चों के पास लैपटाप और टैब था। ये तीनों ही चीजें पुलिस को घर में नहीं मिली। कातिल रेखा के पास मौजूद जेवरात के अलावा मोबाइल, लैपटाप और टैब भी लूट ले गया है। पूर्व पति ने पुलिस को बताया कि तलाक के समय उसने रेखा को छह लाख रुपये दिए थे। उसके बैंक खाते में भी पौने दो लाख रुपये थे। पुलिस सोमवार को रेखा के बैंक का लाकर खोलेगी। जिससे कि यह पता चल सके कि रेखा ने जेवरात लाकर में रखे या घर पर थे।

 

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