उड़ा अबीर-गुलाल, ढाेल की थाप पर थिरकते हुए किया आगरा में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन

ताजनगरी में विजयदशमी पर सुबह से शुरू हुआ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन। यमुना किनारे पर बनाए गए कुंडों में किया जा रहा है विसर्जन। माता से की मंगल कामना। यमुना किनारे बनाए गए कुंडों पर बैरीकेडिंग की गई है। किसी भी श्रद्धालु को कुंड में नहीं जाने दिया गया।

Prateek GuptaFri, 15 Oct 2021 12:48 PM (IST)
आगरा में कुंड बनाकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराते युवक।

आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी में विजयदशमी पर शुक्रवार सुबह से ही देवी प्रतिमाओं का विसर्जन यमुना किनारे बने कुंडों में शुरू हो गया है। श्रद्धालु ढोल की थाप पर नाचते हुए प्रतिमा विसर्जन को पहुंच रहे हैं। गुलाल और अबीर उड़ रहा है। घाटों पर पुलिस तैनात है, किसी को यमुना में विसर्जन नहीं करने दिया जा रहा है।

शारदीय नवरात्र की शुरुआत सात अक्टूबर को हुई थी। इस बार चतुर्थी तिथि का क्षय होने से नवरात्र आठ दिन के रहे। मंदिरों, घरों और पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। गुरुवार को महानवमी पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा का पूजन कर मंगल की कामना की थी। विजयदशमी पर शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने देवी प्रतिमाअों का पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद श्रद्धालु देवी प्रतिमाअों को विसर्जन के लिए यमुना किनारे बनाए गए कुंडों पर लेकर पहुंचे। हाथीघाट, कैलाश मंदिर, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर बनाए गए कुंडों में प्रतिमाओं के विसर्जन से पूर्व उन्होंने एक बार फिर मां दुर्गा की आरती की और दुनिया से कोरोना वायरस व डेंगू जैसी बीमारियों का संकट हरने की प्रार्थना की। इसके बाद जयकारे लगाते हुए उन्होंने प्रतिमाओं का विसर्जन किया। श्रद्धालु ढोल की थाप और भक्ति गीतों पर थिरकते हुए नजर आए।

कुंड में नहीं उतरने दिया

यमुना किनारे बनाए गए कुंडों पर बैरीकेडिंग की गई है। किसी भी श्रद्धालु को कुंड में नहीं जाने दिया गया। वहां तैनात किए गए युवकों ने श्रद्धालुओं से प्रतिमाएं ले लीं और उन्हें कुंड में विसर्जित किया।

पुलिस रही तैनात

सभी घाटों पर पुलिस को तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने के साथ ही इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि कोई प्रतिमा यमुना में विसर्जित न हो पाए। हाईकोर्ट ने यमुना में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा रखी है।

बंगाली समाज ने किया दशमी पूजन

बंगाली समाज द्वारा रकाबगंज, बल्केश्वर और नामनेर में सजाए गए पंडालों में शुक्रवार को दशमी पूजन हुआ। दोपहर में सिंदूर खेला होगा, जिसमें महिलाएं एक-दूसरे के सिंदूर लगाएंगी। इसके बाद देवी प्रतिमाओं का विसर्जन यमुना किनारे बनाए गए कुंडों में किया जाएगा।

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